उज्जैन (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर का समग्र विकास और विस्तार सोमनाथ, शिर्डी और बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिरों की तर्ज पर करेगी. इसके लिए प्रदेश सरकार 300 करोड़ रुपये की योजना शुरु करेगी, ताकि मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें.

 

महाकालेश्वर मंदिर के समग्र विकास को लेकर यहां शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि इसमें निर्णय लिया गया है कि महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बनारस, सोमनाथ और शिर्डी में दलों को भेजा जाएगा, ताकि जो भी वहां सही लगे, उसे महाकालेश्वर मंदिर में लागू किया जा सके. उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर तक महाकालेश्वर मंदिर के विकास की योजना को अंतिम रूप देकर काम शुरु कर दिया जाएगा. वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा महाकालेश्वर मंदिर एक्ट में संशोधन किया जा रहा है. इस संशोधन के बाद वर्तमान में चल रही मंदिर में प्रवेश के लिए वीवीआईपी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी. मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एस आर मोहंती ने कहा कि 300 करोड़ रुपये की योजना शुरुआती है, जिसमें नए निर्माण, सौंदर्य एवं यात्री सुविधाओं के साथ ही अन्य काम किए जाएंगे. जैसे-जैसे योजना आगे बढ़ेगी, यह राशि बढ़ाई भी जा सकती है.

महाकाल थीम पार्क का होगा निर्माण
वहीं, बैठक में शामिल मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि ये हमारी सरकार का परम सौभाग्य है कि हमें बाबा महाकाल मंदिर के विस्तार का अवसर मिला. उज्जैन के अध्यात्म में आधुनिकता का समावेश कर विकास की एक नई इबारत लिखेंगे. महाकालेश्वर मंदिर के विकास और विस्तार की योजना के तहत पहले चरण में यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही प्रवेश और निर्गम, फ्रंटियर यार्ड, नंदी हाल का विस्तार, महाकाल थीम पार्क, महाकाल कॉरिडोर, वर्केज लॉन पार्किंग आदि का विकास और निर्माण होगा. वहीं, दूसरे चरण में महाराज बाड़ा, कॉम्प्लेक्स, कुंभ संग्रहालय, महाकाल से जुड़ी विभिन्न कथाओं का प्रदर्शन, अन्नक्षेत्र, धर्मशाला, रुद्रसागर की लैंड स्केपिंग, रामघाट मार्ग का सौंदर्यीकरण, पर्यटन सूचना केन्द्र, रुद्र सागर झील का पुनर्जीवन, हरि फाटक पुल, यात्री सुविधाओं एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण और विस्तार किया जाएगा. (इनपुट एजेंसी)