नई दिल्ली: भारत में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. देश के कई हिस्सों में 45 डिग्री से ज्यादा पारा रहा. गर्मी आते ही देश के कई इलाकों में एक बार फिर से पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है. इन दिनों मध्य प्रदेश के कई गांव जल संकट से जूझ रहे हैं. लोगों को पानी के लिए हजारो मील की दूरी तय करनी पड़ रही है. Also Read - मध्य प्रदेश: विभागों के बंटवारे में सिंधिया ने फंसाया ऐसा पेंच कि चकरा गए शिवराज, मामला दिल्ली पहुंचा

एक तरफ जनता कोरोना और लॉकडाउन की समस्या का सामना कर रही है तो वहीं छतरपुर के पाटापुर गांव के लोगों को इसके साथ साथ पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है. आलम यह है कि लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए पहाड़ी रास्तों से मीलों की दूरी तय करना पड़ रहा है. वहीं जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि अधिकारियो से बात हुई है जल्द ही इस समस्या को हल कर लिया जाएगा. Also Read - मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के गंभीर हालात के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार जिम्मेदार: नरोत्तम मिश्रा

इलके के ज्यादातर नल और कुएं पूरी तरह से सूख चुके हैं. मई में ही लोगों को पानी की दिक्कतोंका सामना करना पड़ रहा है. छतरपुर में गर्मी के आते सभी जल योजनाए ठप हो गई है. जहां नल और नलकूप पानी का सहारा थे उसमें भी वाटर लेवेल नीचे जाने से पानी आना बंद हो गया है.

स्थिति कितनी भयावह है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि लोग पाहाड़ियों से निकलने वाले जल को भी इकट्ठा करने लगे हैं. प्रशासन का कहना है कि अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है और जल्द ही पानी के संकट को खत्म किया जाएगा.