नई दिल्‍ली: ये वीडियो है मध्‍य प्रदेश के देवास जिले के एक गांव का, जहां लोगों को गांव के पास बह रही इस नदी को पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना पड़ती है. आजादी के 70 साल बाद जब ऐसी तस्‍वीरें सामने आती हैैं , तो विकास के बड़ेे दावे खोखले से लगने लगते हैं.  देवास की सोनकच्‍छ तहसील के तहत आने वाले एक गांव की ये जीती जागती हकीकत है. इस गांव के लोगों ने नदी पार करने के लिए आर-पार दो रस्सियां बांध रखी हैं और इनमें से एक पर चलते हैं और दूसरे को हाथ से पकड़ते हुए संतुलन बनाते हैं. ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है और लोगों की जानें जा सकती है.

इस छोटी नदी को पार करके महिलाएं अपने घरों के लिए पानी भी लाती हैं और ऐसे में वे अपनी जान दाव पर लगा देती हैं. पंचायतों और अन्‍य विभागों के तहत गांवों के विकास के लिए काफी पैसा हर साल जाता है, लेकिन इस छोटी नदी पर पुल नहीं बनाया गया तो ये इस गांव के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत से कम नहीं है. नदी को रस्सियों पर पार करते हुए कई बार लोग नदी में गिर तक जाते हैं.