MP Rajasthan Chhattisgarh CM News: राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आए कई दिन बीत चुके हैं. हालांकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब तक मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान नहीं किया है. पांच में से तीन राज्यों में BJP और तेलंगाना में कांग्रेस को जीत मिली थी. तेलंगाना में तो कांग्रेस ने सरकार का गठन भी कर लिया है. कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.
For government formation, Madhya Pradesh BJP Legislative Party to meet on 11th December in the state: Sources
— ANI (@ANI) December 8, 2023
इन सबके बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चुनाव विधायक दल की सोमवार (11 दिसंबर) को होने वाली बैठक में होगा. वहीं, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में रविवार (10 दिसंबर) को विधायक दल की बैठक होनी है और इसी दिन मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान किया जा सकता है.
न्यूज एजेंसी ANI ने बताया, ‘BJP के केंद्रीय पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा, सर्बानंद सोनोवाल और दुष्यंत गौतम विधायक दल की बैठक आयोजित करने के लिए 10 दिसंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. वहीं, सरकार गठन के लिए मध्यप्रदेश बीजेपी विधायक दल की बैठक 11 दिसंबर को होगी.
राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और महंत बालकनाथ हैं. अलवर से सांसद बालकनाथ ने तिजारा से चुनाव लड़ा और जीत के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे दिया. गुरुवार को उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की. वहीं, वसुंधरा राजे ने गुरुवार देर रात पार्टी आलाकमान जेपी नड्डा से मुलाकात की.
नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. चौहान की तरह पटेल भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं. पटेल और तोमर BJP के उन 12 सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा सदस्य चुने गए हैं और उन्होंने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में BJP अध्यक्ष अरुण साव, संसद की सदस्यता से बुधवार को इस्तीफा देने वाली गोमती साय और प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री लता उसेंडी भी शामिल हैं. साव ओबीसी समुदाय से हैं, वहीं साय और उसेंडी अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं. सामाजिक पृष्ठभूमि, छवि और अपेक्षाकृत युवा प्रोफ़ाइल के कारण राज्य के शीर्ष पद के लिए इन नेताओं को मजबूत दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है.
मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान की 199 में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, कांग्रेस को 70 , BSP को 2 और अन्य को महज 12 सीटें मिलीं. मध्यप्रदेश की बात की जाए तो राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 163, कांग्रेस को 66 और अन्य को 1 सीट मिली. छत्तसीगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 54, कांग्रेस ने 35 और अन्य ने 1 सीट पर कब्जा जमाया. बता दें कि राजस्थान में बहुमत का आंकड़ा 100 है क्योंकि वहां एक सीट पर मतदान नहीं हुआ था. वहीं, मध्यप्रदेश में 116 और छत्तीसगढ़ में बहुमत का आंकड़ा 46 है.
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