भोपाल: मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी की महिला विधायक नीलम अभय मिश्रा ने राज्य सरकार के एक मंत्री से जान को खतरा होने का आरोप लगाया है, साथ ही पूर्व विधायक पति के एनकाउंटर की आशंका जताई है. महिला विधायक नीलम ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पत्र लिखकर कहा है, “वर्तमान में पुलिस की गतिविधियों से मुझे और परिवार की जान का खतरा होने लगा है. स्थानीय विधायक होने के नाते मेरे द्वारा अवैध खनन का विरोध किया जा रहा है, यह खनन मंत्री के संरक्षण में चल रहा है.”

उन्होंने पत्र में लिखा है कि बीते चार वर्षों से उनके क्षेत्र में किसी तरह के विकास कार्य भी नहीं होने दिए जा रहे हैं, मंत्री के हाथ में जिले की सारी कमान होने से सिमरिया क्षेत्र का विकास तहस-नहस हो गया है. हत्या, दुष्कर्म जैसे अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है.

नीलम ने अपने पत्र में अनेक हत्याकांडों का जिक्र किया और कहा, “मेरे पति लगातार इन वारदातों के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं. उनका फर्जी एनकाउंटर कराया जा सकता है.”

महिला विधायक के पति अभय मिश्रा भाजपा से विधायक रहे हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष हैं. उन्होंने मार्च महीने में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था. वे 2008 में भाजपा की टिकट पर सिमरिया से विधायक बने थे. इसके बाद 2013 में उन्होंने अपनी पत्नी को इसी सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनायाद्व वह भी चुनाव जीतने में सफल रहीं. अभय मिश्रा फिलहाल रीवा जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं. 2015 में अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद पंचायती राज में नियमों के बदलाव को लेकर उन्होंने आंदोलन खड़ा किया था. उनके इस आंदोलन से भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के नेता नाराज हो गए.
इस आंदोलन के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. हालांकि कुछ समय बाद उनकी भाजपा में वापसी हो गई, लेकिन वह अंदरूनी रूप से भाजपा का विरोध जताते रहे. बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के रीवा आगमन पर अभय मिश्रा किसी भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे. उनकी पत्नी भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं गई थीं.