Maharashtra, Bhandara, Latest news: महाराष्‍ट्र से एक बेहद की दुखद वाकया सामने आया है. राज्‍य के भंडारा जिले के गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल ( Bhandara District General Hospital) के न्‍यू बोर्न केयर यूनिट में देर रात शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने से 10 बच्‍चों की मौत हो गई है. जबकि सिर्फ 7 बच्‍चों को बचाया जा सका है. वहीं, महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा है कि भंडारा में जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं. सीएम उद्धव ठाकरे ने जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ-साथ भंडारा जिले के जिला कलेक्टर और एसपी से बात की है.Also Read - नौ दिसंबर तक वानखेड़े के खिलाफ न ट्वीट करूंगा न सार्वजनिक बयान दूंगा: नवाब मलिक

भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में एसएनसीयू में आग लगने से दस बच्चों की मौत हो गई है. एक डॉक्टर ने बताया कि नवजात बच्चों की उम्र एक महीने से तीन महीने के बीच थी. इस हादसेे के बाद पुल‍िस ने अस्‍ताल को बंद करवा द‍िया है. Also Read - आदिवासियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप में विरार से एक व्यक्ति गिरफ्तार

आग का तब पता चला जब ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने दरवाजा खोला और कमरे में बहुत अधिक धुआं देखा. नर्स ने तुरंत अस्पताल के अधिकारियों को बताया, जिसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने अस्पताल में लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. आग शनिवार रात करीब 2:00 बजे लगी और 17 में से 7 बच्चों को बचा लिया. Also Read - UP: मेरठ जिले में दुकान में आग लगने से 3 की मौत, 4 घायल, ये है वीडियो

महाराष्‍ट्र के विदर्भ अंचल के भंडारा जिला अस्‍पताल में रात 2 बजे लगी आग में 10 बच्‍चों की मौत हो गई है और 7 बच्‍चों को बचा लिया गया है. भंडारा जिला अस्‍पताल के न्‍यू बोर्न केयर यूनिट Sick Newborn Care Unit (एसएनसीयू) में 17 बच्‍चों को रखा गया था.

आग लगने से 10 बच्चों की मौत, यूनिट से सात बच्चों को बचाया गया 
इस वाकये के बारे में सरकारी जिला अस्‍पताल भंडारा के सिविल सर्जन प्रमोद खांडते ने बताया, भंडारा जिला सिविल अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में आज तड़के 2 बजे आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई है. यूनिट से सात बच्चों
को बचाया गया है.

सबसे पहले एक नर्स ने अस्पताल के शिशु देखभाल विभाग से धुआं उठते देखा
जिला सिविल सर्जन प्रमोद खंडाते ने बताया कि भंडारा जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात एक बजकर 30 मिनट के आसपास आग लग गई. इकाई में 17 बच्चे थे, जिनमें से 7 को बचा लिया गया. उन्होंने बताया कि सबसे पहले एक नर्स ने अस्पताल के शिशु देखभाल विभाग से धुआं उठते देखा, जिसके बाद डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को जानकारी मिली और वे पांच मिनट के भीतर यहां पहुंच गए. उन्होंने बताया कि इकाई के ‘इनबाउंड वार्ड’से 7 बच्चों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 10 बच्चों को बचाया नहीं जा सका.

आग बुझाने वाले उपकरण थे और कर्मियों ने उनसे आग बुझाने की कोशिश की
जिला सिविल सर्जन खंडाते ने बताया कि बच्चों को जिस वार्ड में रखा जाता है, वहां लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत होती है. उन्होंने बताया, ”वहां आग बुझाने वाले उपकरण थे और कर्मियों ने उनसे आग बुझाने की कोशिश की. वहां काफी धुआं हो रहा था.”

वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट होने का संदेह
जिला सिविल सर्जन प्रमोद खंडाते ने बताया कि आग का शिकार होने वाले बच्चों के माता-पिता को इसकी जानकारी दे दी गई है और बचाए गए सात बच्चों को दूसरे वार्ड में भेज दिया गया है. आईसीयू वार्ड, डायलिसिस और लेबर वार्ड से रोगियों को सुरक्षित दूसरे वार्ड में भेज दिया गया है. अभी तक आग लगने के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट होने का संदेह है.

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे: स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे
महाराष्‍ट्र स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. दम घुटने से मरने वाले बच्चों का पोस्टमॉर्टम नहीं किया जाएगा. घटना के पीछे की वजह का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे.

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिया जांच का आदेश
महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा है कि भंडारा में जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं. सीएम उद्धव ठाकरे ने जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ-साथ भंडारा जिले के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात की है.

सीएम ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, कलेक्‍टर और एसपी से बात की है
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में कहा है, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के साथ-साथ भंडारा जिले के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात की है. उन्होंने जांच का भी आदेश दिया है.