Amit shah, bjp,  Shiv Sena, maharashtra, Narayan Rane, सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यहां के दौरे के 48 घंटे बाद बीजेपी को एक बड़ा झटका लगा है. बीजेपी कम से कम 7 पार्षदों ने पार्टी छोड़ शिवसेना का दामन थाम लिया है. पदाधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. सातों पार्षद वैभववाड़ी नगर पंचायत से हैं, जो वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सांसद और पार्टी के मजबूत नेता नारायण राणे के समर्थकों द्वारा शासित है.Also Read - UP Election 2022: अमित शाह ने कैराना से शुरू किया प्रचार, पलायन के मुद्दे का ज़िक्र कर BJP के लिए मांगे वोट

कुछ पार्षदों ने आरोप लगाया कि वे भाजपा को छोड़ रहे हैं, क्योंकि वे राणे परिवार के सदस्यों द्वारा किए जा रहे ‘उत्पीड़न’ को और नहीं सहन कर सकते. इन 7 पार्षदों के मुंबई में शीघ्र ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में शिवसेना में शामिल होने की उम्मीद है. Also Read - अमित शाह ने 'जिला सुशासन सूचकांक' लॉन्च किया, कहा- जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव जल्द होंगे, राज्य का दर्जा बहाल करेंगे

कांकावली भाजपा विधायक नितेश राणे ने ठाकरे को व्यंग्यात्मक लहजे में एक सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट में कहा,” प्रिय उद्धवजी, हैप्पी वेलेंटाइन डे!”, उन्होंने कहा, “शिवसेना हमारा पुराना प्यार है. यह कहा जाता है कि आपको अपने बिछड़े प्यार को कभी नहीं भूलना चाहिए.. हमारे आदर्श हमेशा दिवंगत हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे थे .. हम कल भी उनका सम्मान करते थे, आज भी करते हैं और भविष्य में भी करेंगे.” Also Read - UP Election 2022: इन 47 सीटों पर नज़र लगाए हैं प्रमुख राजनीतिक दल, सिर्फ इतने वोटों से हुई थी हार-जीत

बीजेपी विधायक राणे ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना अलग-थलग न हो जाए, भाजपा ‘इन 7 पार्षदों’ को भेज रही है. नीतीश राणे ने कहा, “इसके अलावा, सीएम ठाकरे ने हमारे मेडिकल कॉलेज की फाइलों को तुरंत मंजूरी दे दी थी (जिसका उद्घाटन 7 फरवरी को शाह ने किया था) हम उन्हें अभी कुछ भी देने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन हम इन 7 पार्षदों को गिफ्ट कर रहे हैं. हम उनसे इन्हें स्वीकार करने का विनम्र निवेदन करते हैं.”

सातों दलबदलू नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सिंधुदुर्ग में शिवसेना ऐसी स्थिति में है कि उसके पास वैभववाड़ी नगर पंचायत चुनावों के लिए नामांकन भरने के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है.

बता दें कि बीजेपी के पूर्व अध्‍यक्ष अमित शाह बीते 7 फरवरी को यहां आए थे तो उन्‍होंने कहा था, अभी महाराष्ट्र में 3 पहिए के ऑटो रिक्शा वाली सरकार चल रही है, जिसके तीनों पहिए अलग-अलग दिशा में चलते हैं. ये सरकार हर मोर्चे पर विफल हुई है. महाराष्ट्र की जनता ने जो जनादेश दिया उसका अनादर करके एक अपवित्र गठबंधन बनाकर यहां एक सत्ता के लालच वाली सरकार बनी है.

शाह ने कहा था, जो कहते हैं हमने वादा तोडा, मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि हम वादे पर खरे उतरने वाले लोग हैं. बिहार में नितीश जी मुख्यमंत्री का चेहरा थे, उनकी सीटें कम आयी उन्होंने कहा कि भाजपा का सीएम बनाइये लेकिन भाजपा ने निर्णय किया कि हम अपना वादा निभाएंगे और आज नितीश जी ही मुख्यमंत्री हैं.

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा था, शिवसेना कहती है कि हमने कमरे में वादा किया था और मैंने किया था. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मैं कभी भी बंद कमरे की राजनीति नहीं करता जो करता हूं डंके की चोट पर सार्वजनिक रूप से करता हूं. मैं जनता के बीच में रहने वाला व्यक्ति हूं, किसी से नहीं डरता, जो होता है धड़ल्ले से बोलता हूं.

शाह ने कहा था, ” मैं जब भी महाराष्ट्र आता हूं तो एक अद्भुत चेतना की प्राप्ति होती है क्योंकि यही वो भूमि है, जिसने भारत को स्वदेश व स्वधर्म के लिए जान देने का संस्कार दिया. यहीं से शिवाजी महाराज ने स्वराज की जो यात्रा शुरू की वो आज मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विश्वगुरु बनने की ओर ले जा रही है.