मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के पांच नए मामले सामने आने के बाद राज्य में मंगलवार को संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ कर 230 हो गई. स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इन नए पांच मामलों में से चार मुम्बई के और एक पुणे का है. अभी तक राज्य में इस वायरस से 10 लोगों की जान जा चुकी है. Also Read - Cyclone Nisarga: आज महाराष्ट्र के समुद्री तट से टकराएगा 'निसर्ग' चक्रवात, NDRF की 40 टीमें तैनात

राज्य के विभिन्न हिस्से में सोमवार तक 4,538 लोगों को पृथक किया गया था, जिनमें से 3,876 लोगों के संक्रमित ना होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 220 इससे संक्रमित पाए गए थे. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना के 2287 नए मामले सामने आए, 103 और मरीजों की मौत

बीएमसी ने मुंबई में कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग शुरू की
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर में कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग शुरू कर दी है और शहर में कोविड-19 के संक्रमण की निगरानी तथा उसे और फैलने से रोकने के लिए ‘वॉर रूम’ स्थापित किए हैं. Also Read - Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र CM उद्धव ठाकरे की अपील, अगले दो दिनों तक घर के अंदर ही रहें लोग

सतर्क रह कर ज्यादा एहतियात बरत सकते हैं
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त प्रवीण परदेसी ने कहा कि जिन इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले ज्यादा हैं उनके मानचित्र महानगरपालिका की वेबसाइट पर पोस्ट किए जाएंगे, ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके. उन्होंने कहा कि मानचित्रों की मदद से इन इलाकों के निवासी सतर्क रह कर ज्यादा एहतियात बरत सकते हैं और किसी भी काम के लिए उन इलाकों में जा रहे लोग आसानी से बचाव के उपाय कर सकते हैं.

आपदा नियंत्रण कक्ष में कोरोना वॉर रूम भी गठित
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों- अश्विनी भिडे और डॉ रामास्वामी एन को प्रतिनियुक्ति पर बीएमसी में भेजा है ताकि देश की आर्थिक राजधानी में घातक बीमारी के प्रसार पर लगाम लगाई जा सके. बीएमसी ने अपने आपदा नियंत्रण कक्ष में कोरोना वॉर रूम भी गठित किया है जो हर वक्त काम करेगा. साथ ही योजना, बचाव एवं वैश्विक महामारी के प्रबंधन संबंधी गतिविधियां यहां की जाएंगी.

छात्रों को भी कुछ निश्चित जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक भिडे वॉर रूम के समन्वयक के तौर पर काम करेंगे जो कोविड-19 बीमारी का डेटा एकत्र कर उसका आकलन करेगा. बीएमसी संचालित चार मेडिकल कॉलेजों के अंतिम वर्ष के छात्रों और नर्सिंग कॉलेज के दूसरे एवं तीसरे वर्ष के छात्रों को भी कुछ निश्चित जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और इसके लिए उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा. मुंबई महानगर क्षेत्र से सोमवार तक कोविड-19 के 170 मामले सामने आए थे.

महाराष्ट्र सरकार प्रवासी श्रमिकों के लिए व्यवस्था करे: हाईकोर्ट
देश में लाकडाउन की वजह से प्रवासी कामगारों की परेशानियों का संज्ञान लेते हुये बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वह इन कामगारों के लिये सभी जरूरी बंदोबस्त करे और परमार्थ संगठनों से धन जुटाने की संभावना पर भी विचार करे. न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे की एकल पीठ ने सोमवार को कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से कामगारों और उनके परिवार के शहरों से गांव की ओर पलायन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को यह निर्देश दिया. यह याचिका सी एच शर्मा नामक एक व्यक्ति ने दायर की है.

बड़ी संख्या में कामगारों के पलायन से कोरोना के और फैलने का खतरा बढ़ा
अदालत ने इस मुद्दे पर विचार के दौरान कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कामगारों के पलायन से कोरोना वायरस के और फैलने का खतरा बढ़ गया है. अदालत ने कहा कि इन लोगों को इस समय राज्य सरकार से सहायता की आवश्यकता है. न्यायमूर्ति शुक्रे ने अपने आदेश में कहा कि आमदनी का जरिया बंद हो जाने के कारण ये कामगार बहुत ही कठिनाई के दौर से गुजर रहे हैं. ऐसी स्थिति में उन्हें कपड़े, दवा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षा का आवरण उपलब्ध कराना बुद्धिमत्तापूर्ण काम होगा.