Coronavirus in Maharashtra महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 16,620 नए मामले सामने आए जो कि इस साल एक दिन में सामने आए सर्वाधिक नए मामले हैं. राज्य में नए मामलों के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 23,14,413 तक पहुंच गई. स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी. Also Read - यूपी में बेकाबू हालात: लखनऊ में व्यापारियों ने तीन दिन के लिए बाज़ार बंद करने का किया ऐलान, 24 घंटे में 20 हज़ार नए केस

विभाग ने कहा कि इसी अवधि में कोविड-19 के 50 मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 52,861 हो गई. राज्य में पिछले दो दिन से 15,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे थे और रविवार को यह आंकड़ा 16,000 के पार चला गया. Also Read - जयपुर के सरकारी अस्पताल में अनोखी चोरी, कोवैक्सीन की 320 खुराकें चुरा ले गए चोर, FIR दर्ज

विभाग के मुताबिक, राज्य में 8,861 मरीजों के संक्रमण से उबरने के बाद अब तक 21,34,072 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. राज्य में स्वस्थ होने की दर 92.21 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 2.28 फीसदी है. Also Read - गुजरात में कोरोना: मरीजों को लिए एम्बुलेंस की लम्बी कतारें, अस्पतालों में जगह नहीं, अहमदाबाद में हालात खराब

विभाग ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र में फिलहाल 1,26,231 मरीज उपचाराधीन हैं. रविवार को 1,08,381 नमूनों की जांच की गई. सामने आए नए मामलों में मुंबई के 1963 मामले, पुणे के 1780, औरंगाबाद के 752, नांदेड़ के 351, पिंपरी-चिंचवाड के 806, अमरावती के 209 और नागपुर के 1,979 मामले शामिल हैं.

वहीं, महाराष्ट्र में शनिवार को 1156 केंद्रों पर 1.29 लाख से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके की खुराक दी गई. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के बाद 13 मार्च तक राज्य के कुल 28,19,888 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है.

महाराष्ट्र में कभी भी लग सकता है लॉकडाउन!

महाराष्ट्र में कभी भी सख्त लॉकडाउन की घोषणा की जा सकती है. दरअसल खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसके संकेत दिए. उन्होंने शनिवार को होटल और रेस्तरां को अपने परिसरों में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के शनिवार को आदेश दिये और राज्य सरकार को लॉकडाउन जैसे कठोर उपायों को लागू करने के लिए मजबूर नहीं करने को कहा था. इसके बावजूद राज्य में मामले बढ़े हैं.

मुख्यमंत्री ने होटल और रेस्तरां संघों, शॉपिंग केंद्र समूहों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक डिजिटल बैठक में कहा, ‘‘हमें सख्त लॉकडाउन लागू करने के लिए मजबूर न करें. इसे अंतिम चेतावनी मानें. सभी नियमों का पालन करें. सभी को यह मालूम होना चाहिए कि आत्म-अनुशासन और प्रतिबंधों के बीच अंतर है.’’

(इनपुट भाषा)