नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर बुधवार को सियासत और तेज हो गई है. एक ओर सुबह दिल्‍ली में बीजेपी के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल ने मुलाकात की है. वहीं, मुंबई में शिवसेना के प्रवक्‍ता और सांसद नितिन राउत एनसीपी प्रमुख शरद पवार के निवास पर पहुंचे और उनसे मुलाकात की. हालांकि, अहमद पटेल ने गडकरी से हुई अपनी मुलाकात को लेकर साफ किया है कि यह महाराष्‍ट्र के किसानों के मुद्दे को लेकर मुलाकात थी.

बीजेपी से न कोई नया प्रस्‍ताव मिला है और ना उन्‍हें भेजा गया है: शिवसेना नेता संजय राउत

शिवसेना नेता राउत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात के बाद कहा कि वह देश और राज्‍य के एक सीनियर नेता हैं. वह आज महाराष्‍ट्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं. हमारे बीच एक संक्षित विचार-विमर्श हुआ है.

वहीं, दिल्‍ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, मैं उनसे किसानों के मुद्दे पर मिला. यह कोई राजनीतिक मुलाकात नहीं थी या महाराष्‍ट्र की राजनीति पर नहीं थी.

बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार सुबह एक मीडियाकर्मियों के सामने दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और उनकी पार्टी के बीच मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर सहमति हुई थी. राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच राउत ने कहा कि सरकार गठन को लेकर भाजपा से न कोई नया प्रस्ताव मिला है और न उन्हें भेजा गया है.

मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति कब होगी, इस सवाल पर राज्यसभा सदस्य ने कहा, चुनाव से पहले ही पद को लेकर सहमति हो गई थी. राउत ने सरकार गठन को लेकर किसी भी नए प्रस्ताव की खबर को खारिज करते हुए कहा कि शिवसेना चुनाव से पहले तय हुई स्थिति पर ही सरकार गठन को राजी होगी.

राउत ने कहा, नए प्रस्ताव पर समय क्यों बर्बाद करें. हम पहले तय हुई बातों पर चर्चा करना चाहते हैं. कोई नया प्रस्ताव न मिला है और न भेजा गया है.’ राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने की खबरों पर राउत ने कहा कि हम इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे. राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रचने वाले लोग जनादेश का अपमान कर रहे हैं.