मुंबई: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के साथ हाथ मिलाने एवं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शनिवार को शपथ लेने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने विधायक दल के नेता अजित पवार को पद से बर्खास्त कर दिया है. सूत्रों ने आज यहां इसकी जानकारी दी. पार्टी के सूत्रों ने बताया कि राकांपा के विधायकों की यहां बैठक में अजित पवार को पद से बर्खास्त करने का निर्णय किया गया. इस दौरान जयंत पाटिल को विधायक दल का नया नेता चुना गया है. इस बैठक में राकांपा प्रमुख शरद पवार भी मौजूद थे.

 

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिये भाजपा से हाथ मिलाने के अजित पवार के फैसले को शनिवार को ‘अनुशासनहीनता’ करार दिया. देर शाम मुंबई के वाईबी चव्हाण केंद्र में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की, इसमें कुल 50 विधायक मौजूद रहे. इस दौरान अजीत पवार सहित एनसीपी के चार विधायक गायब रहे. इसके बाद पार्टी प्रमुख शरद पवार ने एनसीपी विधायक दल के नेता के रूप में चुने गए अजित पवार को पद से हटाने का ऐलान किया. साथ ही जयंत पाटिल को विधायक दल का नया नेता चुना गया है. इस दौरान बैठक में मौजूद सभी विधायकों को मुंबई के एक होटल में रखने की तैयारी की जा रही है, ताकि उन पर किसी प्रकार को कोई दबाव न बना सके.

अमित शाह ने एक दिन पहले किया ये काम, महाराष्ट्र में रातोंरात हुआ ‘महाउलटफेर’

बहुमत साबित नहीं कर पाएगी नई सरकार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख ने दावा किया है कि भाजपा नीत नयी सरकार विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस’ के पास संयुक्त रूप से संख्या बल है और तीनों दल सरकार बनाएंगे. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी तीनों दलों के साथ मिल कर सरकार बनाने की बात दोहराई. शनिवार सुबह हुए चौंका देने वाले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पवार ने शिवसेना प्रमुख के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. ठाकरे ने कहा कि पहले ईवीएम का खेल चल रहा था और अब यह एक नया खेल है. अब मुझे नहीं लगता कि चुनाव कराने की भी कोई जरूरत है.” शरद पवार ने कहा कि जिन विधायकों ने दल-बदल किया है उनकी विधानसभा की सदस्यता छिन जाएगी और जब उपचुनाव होंगे, तब कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना गठबंधन उनकी हार सुनिश्चित करेंगे.

शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का ट्वीट, ‘पहले लगा ये फेक न्यूज़ है पवार जी तुस्सी ग्रेट हो

कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना को 169-170 विधायकों का समर्थन
उन्होंने कहा कि उनके मतदाता भी उपयुक्त रुख अख्तियार करेंगे. शरद ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्या उनके भतीजे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के डर से भाजपा का समर्थन करने का फैसला लिया. अजित पवार उन लोगों में शामिल हैं जो करोड़ों रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले मामले में नामजद किये गये हैं. राकांपा प्रमुख ने इन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उनकी बेटी सुप्रिया सुले के साथ सत्ता संघर्ष के परिणामस्वरूप अजित ने यह अवज्ञा की. उन्होंने कहा कि सुप्रिया की राज्य की राजनीति में रूचि नहीं है. वह सांसद है और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति करना चाहती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना को निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों के साथ 169-170 विधायकों का समर्थन हासिल है तथा वे सरकार बनाने के लिये तैयार हैं.

महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़णवीस की अगुवाई में नई सरकार का गठन जनादेश की विजय: जावडे़कर

अजित पवार के साथ गए कुछ विधायक पार्टी में वापस लौटे
राकांपा प्रमुख ने कहा कि सुबह करीब साढे छह-पौने सात बजे, मेरे पास यह फोन कॉल आया कि राकांपा के कुछ विधायकों को राजभवन ले जाया गया है. कुछ देर बाद, हमें पता चला कि देवेंद्र फड़णवीस और अजित पवार ने क्रमश: मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उन्होंने कहा कि राकांपा के जो 10 से 11 विधायक राजभवन में अजित के साथ उपस्थित थे, उनमें से तीन पार्टी में लौट आए. ”दो और लौट रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि टीवी फुटेज और तस्वीरों से हमने विधायकों की पहचान कर ली है. संवाददाता सम्मेलन में मौजूद विधायकों–बुलढाणा से राजेंद्र शिंगणे और बीड से संदीप क्षीरसागर ने कहा कि रात 12 बजे उन्हें अजित पवार का फोन कॉल आया, जिसमें उनसे पार्टी के नेता धनंजय मुंडे के आवास पर सुबह सात बजे आने को कहा गया. दोनों विधायकों ने कहा कि इसके बाद उन्हें राजभवन ले जाया गया.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के फैसले पर बोले NCP नेता, ‘अजीत ने घोंपा शरद पवार की पीठ में छुरा’