मुंबई. भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के मद्देनजर मुंबई के संवेदशनशील इलाकों में सेना के जवानों और स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ सेना के जवान प्रमुख रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, पश्चिमी नौसेना कमांड मुख्यालय के बाहर इलाकों तथा मुंबई और आसपास के कस्बों में कई रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो में शहर में बहुत से वाहनों को घूमते देखा जा रहा है. मौके पर मौजूद कुछ लोगों का दावा है कि वह एंटी-एयरक्राफ्ट गन कैरिज हैं, लेकिन इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. Also Read - आर्मी ने 52 किलो विस्फोटक बरामद करके कश्मीर में पुलवामा जैसा बड़ी आतंकी हमला टाला

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यातायात प्रबंधन में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें रक्षा बलों से सहायता का अनुरोध मिला था और हमने वह मुहैया कराया.” अधिकारी ने कहा कि पश्चिमी नौसेना कंमाड भी हाई अलर्ट पर है. महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक दत्ता पडसलगीकर और मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध जायसवाल ने बुधवार को शहर में सुरक्षा खतरों के मद्देनजर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की विपक्ष के नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में शिरकत की. आपको बता दें कि बुधवार की सुबह पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा कश्मीर के इलाके में घुसपैठ करने और भारतीय सेना द्वारा पुख्ता जवाब देने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. इससे पहले भारत-पाक के बीच तनाव के मद्देनजर खतरे के अंदेशे को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र को छोटा किए जाने की भी खबरें आई हैं. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा था कि सोमवार 25 फरवरी से महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र शुरू हुआ था. इस सत्र के दो मार्च तक जारी रहने का कार्यक्रम है.

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महाराष्ट्र के नेताओं ने कहा कि यह महसूस किया गया कि विधान भवन परिसर दक्षिण मुंबई में है जो एक आसाना निशाना हो सकता है. उन्होंने कहा कि सत्र को छोटा किए जाने का औपचारिक फैसला बृहस्पतिवार सुबह एक सर्वदलीय बैठक में लिया जा सकता है. बैठक में शीर्ष पुलिस अधिकारी भी शरीक हुए थे. बैठक के बाद गृह राज्य मंत्री दीपक केसरकर ने संवाददाताओं को बताया कि मुंबई हमेशा से अलर्ट पर है और दहशत में आने की कोई जरूरत नहीं है. एक अधिकारी ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त के तहत करीब 5000 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं. इसके अलावा 1500 अन्य पुलिसकर्मी सत्र के दौरान विभिन्न प्रदर्शनों और मार्च को संभालने के लिए लगाए गए हैं.

(इनपुट – एजेंसी)