सांगली/सोलापुर: गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटा भारत को ‘अखंड’ बनाने के मोदी सरकार के ‘महान कार्य’ की बृहस्पतिवार को सराहना की तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह इसके (अनुच्छेद 370 के) पक्ष में हैं या विरोध में. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में सांगली और सोलापुर जिलों में रैलियों को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस और राकांपा पर वोटबैंक एवं तुष्टिकरण की राजनीति की खातिर इस कदम के विरोध का आरोप लगाया.

भाजपा अध्यक्ष ने दुनियाभर में भारत की छवि मजबूत करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की. उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर के विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस और राकांपा ने हार मान ली है और उन्होंने लोगों से भाजपा-शिवसेना एवं उनके सहयोगियों को दो-तिहाई बहुमत या कुल 288 में से 222 सीटों जिताने की अपील की.

शाह ने पवार से यह भी स्पष्ट करने के लिए कहा कि कांग्रेस-राकांपा सरकारों ने महाराष्ट्र के लिए क्या किया. उन्होंने सांगली के जाट बहुल क्षेत्र में जनसभा में कहा, ‘फिर से प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी संसद में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव लेकर आए. उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने का महान कार्य किया. आज अखंड भारत का सरदार वल्लभ भाई पटेल का सपना पूरा हो चुका है.’ उन्होंने कहा- लेकिन कांग्रेस और राकांपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया.

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गृहमंत्री ने कहा, मैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं राकांपा प्रमुख शरदरावजी पवार से पूछना चाहता हूं, उन्हें महाराष्ट्र के लोगों को बताना चाहिए कि वह अनुच्छेद 370 को हटाने के पक्ष में हैं या नहीं. मैं पूछना चाहता हूं कि आप क्यों इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं जब पूरा देश चाहता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बने. बस इसलिए कि आप वोटबैंक, तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते हैं.’

शाह ने कहा कि कांग्रेस और रांकपा ने 370 हटाने का विरोध किया और ये तक कहा कि कश्मीर में खून की नदियां बह जाएंगी. इसे खारिज करते हुए भाजपा प्रमुख ने कहा कि कश्मीर शांतिपूर्ण है और एक भी गोली चलाने की जरूरत नहीं पड़ी. अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद इन लोगों ने देश और दुनिया में एक झूठा अभियान चलाया और कहा कि इससे समस्याएं खड़ी हो जाएंगी. मोदीजी संयुक्त राष्ट्र में गए और पूरी दुनिया इस मुद्दे पर उनके साथ खड़ी है जबकि पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग हो गया.’

शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच अंतर रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के लिए राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं. अपनी बात को साबित करते हुए शाह ने कहा कि 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पाक के दो हिस्सों में विभाजन को लेकर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बधाई देने वाले अटल बिहारी वाजपेयी पहले नेता थे. उन्होंने कहा ‘हम विपक्ष में थे, इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी, भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ और हमारी सेना को विजय प्राप्त हुआई. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश की संसद में इंदिरा जी की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी, क्योंकि सवाल देश का था पार्टी का नहीं.’

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गृहमंत्री ने कहा कि मोदी की निगरानी में राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई है और पूरी दुनिया को यह एहसास हो गया है कि यदि एक जवान शहीद होता है तो दस दुश्मन मारे जाते हैं. शाह ने जेएनयू नारेबाजी मामले का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ का पक्ष लेने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, राहुल जी, यदि आप चाहते हैं तो आप मुझे, मेरी पार्टी , मोदीजी को गाली दें. हम आपको कुछ नहीं कहेंगे. लेकिन यदि आप उन लोगों के साथ खड़े होंगे जो भारत माता के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करते हैं तो भाजपा नीत सरकार उन लोगों को सलाखों के पीछे डाल देगी जो देश को तोड़ने की बात करते हैं.

सोलापुर के अक्कालकोट में अपनी दूसरी रैली में शाह ने राहुल गांधी पर पाकिस्तान की भाषा में बोलने का आरोप लगाया. शाह ने कहा बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान भी सबूत मांगता है, राहुल गांधी भी सबूत मांगते हैं. मोदी जी अनुच्छेद 370 हटाते हैं तो पाकिस्तान भी विरोध करता है, राहुल गांधी भी विरोध करते हैं. समझ नहीं आता कि हर बार पाकिस्तान और राहुल गांधी की सोच एक क्यों होती है.

(इनपुट-भाषा)