मुंबई: महाराष्ट्र में किसानों की खस्ता हालत को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे और एनसीपी नेता व पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्‍हें किसानों के मुद्दे पर घेरा है. दोनों ने पूछा कि अगर सरकार किसानों की मांगों को मांगने के लिए गंभीर थी, तो क्यों 30 हजार किसानों को बीते 6 दिनों में 200 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी.

रालेगण-सिद्धी में मीडिया से हजारे ने कहा, ‘किसानों की मांग सही है और सरकार को उन्हें सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए. यह काफी निंदनीय है कि भारत जैसे कृषि अर्थव्यवस्था वाले देश में किसानों को यह मार्च करने को मजबूर होना पड़ा.’ वहीं, मुंबई में पवार ने कहा,’केंद्र ने क्यों नहीं किसानों की समस्या सुनने और सुलझाने के लिए एक दल को नासिक भेजा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के चार वर्ष हो गए, लेकिन कृषि उत्पाद के न्यूनतम मूल्य को लागू नहीं किया गया.’

पवार ने कहा कि अगर किसानों की मांग नहीं मानी गई तो किसानों के आंदोलन की आग महाराष्ट्र से बाहर जाकर पूरे देश में फैलेगी. वहीं, हजारे ने कहा,’इंतजार कीजिए और देखिए 23 मार्च को दिल्ली में मेरे प्रदर्शन के दौरान कितने लोग आते हैं.’

अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की ओर से आयोजित इस मार्च में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के किसान धड़े के किसान लाल टोपी पहने, हाथों में लाल झंडे लिए ड्रम बजाते हुए मार्च में शामिल हुए. किसान छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए रात में दो बजे ही विद्याविहार के सोमैया मैदान से ऐतिहासिक आजाद मैदान के लिए रवाना हो गए.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण, राधाकृष्णन विखे-पाटिल, पृथ्वीराज चव्हाण और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, धनंजय मुंडे और जितेंद्र अवहद सहित तमाम नेताओं ने किसानों के मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया.महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और युवासेना के अध्यक्ष आदित्य उद्धव ठाकरे ने रविवार शाम को निजी तौर पर उपस्थित होकर किसानों का स्वागत किया. (इनपुट-एजेंसी)