नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं के बाद अब नांदेड़ में भी एक साधु की हत्या की घटना से हंगामा मच गया है. विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि अगर पालघर में साधुओं के हत्यारों के साथ नरमी नहीं बरती जाती तो शायद नांदेड़ की इस वारदात को रोका जा सकता था. विहिप ने कहा कि साधु और सेवक की हत्या की घटना की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ उद्धव ठाकरे सरकार सख्त कार्रवाई करे.Also Read - Wine at Supermarket: संजय राउत का तर्क, किसानों की आमदनी दोगुना करने को उठाया कदम

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने घटना पर गुस्से का इजहार करते हुए कहा, “पालघर में पूज्य साधुओं के हत्यारे तो अभी तक हाथ नहीं आए किन्तु हां, महाराष्ट्र के ही पूज्य स्थल नांदेड़ में आज एक और पूज्य संत की जान ले ली गई. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि राज्य की सेना-सोनिया सरकार में पूज्य बाला साहब ठाकरे के संस्कार लेश मात्र भी जिंदा हैं?” Also Read - भिवंडी के फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग, कई अन्य गोदाम भी चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

उन्होंने कहा, “पालघर में साधुओं के हत्यारों को यदि टांग दिया होता और उनके षडयंत्रकारियों के साथ नरमी नहीं बरती होती तो शायद नांदेड़ में पूज्य साधु व सेवक के हत्यारों के हौसले बुलंद ना होते. 38 दिन हो गए उद्धव जी..शिव सेना को सोनिया सेना ना बनाओ प्लीज…” विनोद बंसल ने ट्वीट कर कहा, “पूज्य सदगुरु शिवाचार्य गुरु जी के साथ उनके साथी को भी आज तड़के नांदेड़ के पास स्थित उनके आश्रम में ही मौत के घाट उतार दिया गया और पुलिस प्रशासन सब मौन है? दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन के साथ प्रभु से प्रार्थना है कि सरकार को सद्बुद्धि दें.” Also Read - Maharashtra News: मालेगांव की मेयर सहित कांग्रेस के 30 में से 27 पार्षदों ने थामा NCP का दामन

बता दें कि महाराष्ट्र में इससे पूर्व 16- 17 अप्रैल की रात पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना को लेकर काफी तूफान खड़ा हुआ था. भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने पालघर मॉब लिचिंग के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए राज्य सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया था. वहीं अब डेढ़ महीने के भीतर फिर नांदेड़ में एक साधु और सेवक की हत्या के बाद फिर से मामला गरमा गया है. मृतक साधु बाल ब्रम्हचारी शिवाचार्य लिंगायत समुदाय से जुड़े थे, वहीं दूसरे मृतक की शिनाख्त उनके सेवक भगवान शिंदे के रूप में की गई है.