API Riyaz Qazi  arrest, NIA,  Antilia Case, Mansukh Hiren death case, Mumbai Police, Sachin Waze,  NEWS,   मुंबई उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के निकट एक वाहन में विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में और इसमें उपयोग किए गए वाहन के मालिक हिरेन मनसुख के मर्डर केस में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (National Investigation Agency) NIA ने सचिन वाजे के सहयोगी मुंबई पुलिस के एपीआई रियाज काजी (API Riyaz Qazi) को अरेस्‍ट किय है. एंटीलिया में विस्‍फोटक ( Antilia bomb scare) रखने और मनसुख हिरेन की हत्‍या के मामले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है. Also Read - NIA ने मुंबई पुलिस के 'पूर्व एनकाउंटर' स्‍पेशलिस्‍ट व शिवसेना नेता प्रदीप शर्मा को किया अरेस्‍ट

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास एक एसयूवी में विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है. सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) काजी को एनआईए ने रविवार को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद एनआईए ने विशेष् कोर्ट में काजी को पेश किया, जहां कोर्ट ने काजी को एनआईए की 16 अप्रैल तक की हिरासत में भेज दिया है. Also Read - Antilia Case Updates: NIA ने मुंबई पुलिस के पूर्व 'एनकाउंट स्‍पेशलिस्‍ट' प्रदीप शर्मा के घर पर छापा मारा

अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास 25 फरवरी को एसयूवी में विस्फोटक मिलने और ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में एनआईए ने पहले भी काजी से पूछताछ की थी. अधिकारी ने कहा कि काजी को पिछले महीने मुंबई अपराध शाखा से निकाल दिया गया था. इससे पहले एक सीसीटीवी फुटेज में काजी को यहां विखरोली इलाके में नंबर प्लेट की एक दुकान में घुसते हुए और दुकान के मालिक से बातचीत करते हुए देखा गया था.

 

काजी को दुकान से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर और एक कम्प्यूटर ले जाते हुए भी देखा गया. अधिकारी ने कहा कि काजी को पड़ोस के ठाणे में वाजे के आवासीय परिसर से सीसीटीवी फुटेज लेते हुए भी देखा गया था. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को संदेह है कि काजी ने दक्षिण मुंबई में अंबानी के घर के पास मिली एसयूवी के लिए फर्जी नंबर प्लेट हासिल करने में वाजे की मदद की थी. बाद में हिरेन पांच मार्च को ठाणे के एक क्रीक में मृत मिले थे. एनआईए ने वाजे को मामले की जांच के सिलसिले में 13 मार्च को गिरफ्तार किया था.

बता दें कि इसी मामले को लेकर अपने ट्रांसफर के बाद मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने पुलिसकर्मी सचिन वाजे से मुंबई के बार एवं रेस्तराओं से 100 करोड़ रुपए प्रति माह जबरन वसूलने को कहा था.

बता दें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास एक एसयूवी से विस्फोटक मिलने और कारोबारी मनसुख हिरन की मौत के मामले में मुंबई विशेष एनआईए अदालत ने 9 अप्रैल को निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को शुक्रवार को 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और एनआईए हिरासत समाप्त होने के बाद एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था.