Mumbai, Aryan Khan drug case, Shahrukh Khan, Sameer Wankhede, News Update: मुंबई में बॉलीवुड एक्‍टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग केस में स्‍पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने हस्तक्षेप के खिलाफ निर्देश पारित करने के लिए एनसीबी के आवेदन का निपटारा करते हुए उस पर एनसीबी अधिकारी पर जबरन वसूली का आरोप लगाने वाले गवाह के हलफनामे पर किसी अदालत को संज्ञान लेने से रोकने के लिए व्यापक आदेश देने से इनकार कर दिया. अब एनसीब हाईकोर्ट जाएगी.Also Read - IND vs NZ, 2nd Test: वानखेड़े स्टेडियम में रचेगा 'इतिहास', दो महिलाओं को सौंपी गई खास जिम्मेदारी

विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने बॉलीवुड एक्‍टर आर्यन खान से जुड़े ड्रग केस मामले की जांच में दवाओं में हस्तक्षेप के खिलाफ निर्देश पारित करने के लिए एनसीबी के आवेदन पर कहा कि आरोपी की जमानत अर्जी के रूप में मामला पहले से ही हाईकोर्ट के समक्ष है, इसलिए एनसीबी को इस संबंध में उचित निर्देश के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करना चाहिए. Also Read - महाराष्ट्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, मुंबई के पूर्व DGP परमबीर सिंह को निलंबित किया

विशेष न्यायाधीश वी वी पाटिल ने हलफनामे का निपटारा करते हुए कहा कि इस तरह के व्यापक आदेश पारित नहीं किए जा सकते. अदालत ने कहा, आवेदनों (हलफनामों) में मांगी गयी राहत की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, ऐसा कोई व्यापक आदेश पारित नहीं किया जा सकता है. यह संबंधित अदालत या प्राधिकरण पर है कि वह संबंधित चरण में उचित आदेश पारित करे. Also Read - OMG! Shahrukh Khan से लेकर Aamir Khan की फिल्मों के पोस्टर्स चुराए गए हैं इन हॉलीवुड फिल्मों से...ये 9 नाम है शामिल- LIST

अदालत ने कहा कि ”यह मामला बंबई उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है, जो मंगलवार को आर्यन खान और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. इसलिए, अदालत ऐसा कोई आदेश नहीं पारित कर सकती, जैसा अनुरोध किया गया है. इसलिए, आवेदनों का निपटारा किया जाता है.”

गवाह ने हलफनामे में समीर वानखेड़े शाहरुख खान से जबरन वसूली के प्रयास करने का आरोप लगाया
गवाह ने हलफनामे में एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े और अन्य पर एक्‍टर शाहरुख खान से जबरन वसूली के प्रयास करने का आरोप लगाया है. शाहरुख का पुत्र आर्यन इस मामले में एक आरोपी है. इससे पहले, एनसीबी और वानखेड़े उनके खिलाफ लगे वसूली के आरोपों को लेकर विशेष अदालत में दो अलग-अलग हलफनामे दाखिल किए. इसमे यह आदेश देने का अनुरोध किया गया कि कोई भी अदालत स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल के हलफनामे का संज्ञान नहीं ले.

एनसीबी ने कहा- मामले में सबूतों या जांच के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो
एनसीबी और उसके जोनल निदेशक के अनुसार प्रभाकर सैल द्वारा लगाए गए आरोप केवल मामले की जांच को बाधित करने का प्रयास हैं. केंद्रीय एजेंसी ने अदालत से यह सुनिश्चित करने के लिए उचित आदेश देने का भी अनुरोध किया कि मामले में सबूतों या जांच के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो.

वानखेड़े ने दावा किया कि उन पर लगातार गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ है 
वानखेड़े ने अदालत में दाखिल हलफनामे में उनके खिलाफ लगे सभी आरोपों से इंकार किया और दावा किया कि उन पर लगातार गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ है क्योंकि ईमानदार एवं निष्पक्ष जांच कुछ निर्हित स्वार्थों के अनुकूल नहीं है. वानखेड़े ने यह भी दावा किया कि उन्हें एक मशहूर राजनीतिक हस्ती ने भी निशाना बनाया है और इसके पीछे उनका केवल एक ही कारण समझ आता है, क्योंकि एनसीबी ने इस शख्स के दामाद समीर खान को गिरफ्तार किया था. समीर खान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के दामाद हैं तथा अभी जमानत पर हैं.

प्रभाकर सैल ने  दावा किया था कि एनसीबी के एक अधिकारी आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ की मांग की थी
प्रभाकर सैल ने रविवार को दावा किया था कि एनसीबी के एक अधिकारी और फरार गवाह केपी गोसावी सहित अन्य ने आर्यन खान को छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की थी. सैल ने पत्रकारों से कहा था कि आर्यन को तीन अक्टूबर को एनसीबी कार्यालय लाने के बाद उन्होंने गोसावी को फोन पर सैम डिसूजा नामक एक व्यक्ति से 25 करोड़ रुपये की मांग करने और मामला 18 करोड़ रुपए पर तय करने के बारे में बात करते हुए सुना था, क्योंकि उन्हें ‘‘आठ करोड़ रुपये समीर वानखेडे (एनसीबी के जोनल निदेशक) को देने थे.सैल ने दावा किया था कि वह जल्द ही सबूत भी पेश करेंगे.

 वानखेड़े ने कहा- खुद को बेकसूर साबित करने के लिए जांच का सामना करने को तैयार
एनसीबी और वानखेड़े ने सोमवार को अदालत को सौंपे गए अपने हलफनामे में इन दावों को खारिज किया है. वानखेड़े ने कहा कि वह खुद को बेकसूर साबित करने के लिए जांच का सामना करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, इस मामले में समाज के उच्च वर्ग के कुछ प्रभावशाली और सम्पन्न लोग शामिल हैं, जिस कारण मुझे गिरफ्तारी सहित हर प्रकार की धमकी दी जा रही है.

आरोपों को गलत, गुमराह करने वाला, एनसीबी की छवि खराब करने का प्रयास बताया 
एनसीबी ने हलफनामे में वानखेड़े और अन्य अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह गलत, गुमराह करने वाला, नुकसान पहुंचाने वाला और एनसीबी जैसी स्वतंत्र एजेंसी की छवि खराब करने का प्रयास बताया. एनसीबी के लिए विशेष लोक अभियोजक अद्वैत सेठना ने सोमवार को अदालत में हलफनामा दाखिल किया. सेठना ने अदालत से कहा कि सैल कुछ सबूतों को सार्वजनिक करने की धमकी दे रहा है, जो मामले की जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए उचित आदेश पारित किया जाना चाहिए. आर्यन अभी मुंबई की आर्थर जेल में बंद है.