नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के लिए डाले गए मतों की गणना बृहस्पतिवार को जारी है और महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन फिर से सत्ता में लौटने की ओर बढ़ता दिख रहा है जबकि हरियाणा में भाजपा या कांग्रेस में से किसी को भी अभी तक बहुमत मिलता नहीं दिख रहा.

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों में से भाजपा 101 सीटों पर आगे चल रही है और उसकी सहयोगी शिवसेना 64 सीटों पर आगे है. कांग्रेस को 40 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 50 सीटों पर आगे है. इसके अलावा 16 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं. भाजपा ने 2014 में इस राज्य में 122 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि शिवसेना को 63, कांग्रेस को 42 और राकांपा को 41 सीटों पर जीत मिली थी.

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं कांग्रेस उम्मीदवार आशीष देशमुख से आगे चल रहे हैं. शिवसेना के आदित्य ठाकरे भी वर्ली विधानसभा सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं, हरियाणा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा. भाजपा 38 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर दुष्यंत चौटाला सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि उनकी जननायक जनता पार्टी 11 सीटों पर आगे है. राज्य की 90 में से 89 सीटों के रुझान उपलब्ध हैं.

भारतीय जनता पार्टी के ‘अभियान 75’ पर चुटकी लेते हुए चौटाला ने कहा कि भाजपा 75 सीटें जीतने के अपने लक्ष्य से बहुत पीछे रह जाएगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अगली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा, ‘हरियाणा के लोग बदलाव चाहते हैं.’ शुरुआती रुझान के अनुसार, भाजपा के मनोहर लाल खट्टर करनाल सीट पर और पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह हुड्डा गढ़ी सांपला किलोई सीट पर आगे चल रहे हैं.

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हरियाणा में 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47 सीटों, कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत प्राप्त की थी. हरियाणा जनहित कांग्रेस के दो विधायक बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इनेलो ने 19, बसपा और शिअद ने एक-एक सीट अपने नाम की थी. पांच सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के पास गई थीं.

(इनपुट-भाषा)