मुंबई. शिवसेना के एक स्थानीय नेता ने बृहस्पतिवार को कहा कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के जीवन पर बनी फिल्म ‘ठाकरे’ के रिलीज के दिन किसी और फिल्म को रिलीज होने नहीं दिया जाएगा. हालांकि पार्टी ने स्थानीय नेता की इस धमकी से खुद को अलग रखा है. शिवसेना से संबंधित फिल्म कर्मिचारियों के संगठन ‘चित्रपट सेना’ के सचिव बाला लोकारे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पार्टी किसी भी अन्य फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज होने नहीं देगी. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी उस दिन फिल्म रिलीज करने की कोशिश करेगा तो उसका जवाब ‘शिवसेना की स्टाइल’ में दिया जाएगा. दरअसल, सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘ठाकरे’ के कुछ दृश्यों और संवादों को लेकर आपत्ति जताई है. इसके मद्देनजर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कहा है कि इन दृश्यों या संवादों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है.

‘Thackeray’ के ट्रेलर पर बोले संजय राऊत- यह बाला साहेब की फिल्म है, कोई इस पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता

इस फिल्म के निर्माता संजय राउत ने कहा कि लोकारे पार्टी के विचार को नहीं रख रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘यह शिव सेना के कार्यकर्ता के निजी विचार थे. यह पार्टी का विचार नहीं है.’ हालांकि आपको बता दें कि संजय राऊत ने बुधवार को मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि यह फिल्म बाला साहेब के बारे में है, न तो इसको कोई रिलीज होने से रोक सकता है और न ही इसके दृश्यों में किसी तरह की काट-छांट होगी. संजय राऊत ने ही बाला साहेब ठाकरे के जीवन पर बनी इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है. मीडिया के साथ बातचीत में राऊत ने कहा था, ‘कोई भी फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता. यह ठाकरे की कहानी है. कैसे कोई उसे रोक सकता है? बालासाहब ने अपने समय में कई लोगों पर प्रतिबंध लगाया. क्या आपलोग इसे भूल गए? कैसे सीबीएफसी यह निर्णय कर सकती है कि बाला साहेब की जिंदगी में क्या सही था या क्या गलत था? केवल परिवार के लोग यह जानते हैं. मैं निश्चिंत हूं कि सेंसर बोर्ड बालासाहेब के दृष्टिकोण को समझेगा. वे समय लेंगे, लेकिन वे समझ जाएंगे.’

(इनपुट – एजेंसी)