नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर मचे अंदरूनी सियासी घमासान के बीच दोनों पार्टियों के नेताओं ने सोमवार को राज्‍यपाल भगत सिंह कोशियारी (Governor Bhagat Singh Koshyari) से अलग-अलग मुलाकात की है. शिवसेना की ओर से दिवाकर राऊते (Diwakar Raote) गवर्नर हाउस में राज्‍यपाल से मुलाकात कीहैं. इसके बाद बीजेपी नेता व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गवर्नर से मुलाकात की. बता दें महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद ही सीएम पद को लेकर दोनों पार्टी के नेताओं के अलग- अलग बयान आते रहे हैं, जिनसे यही दिखाई देता था कि बीजेपी-शिवसेना में मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर काफी मतभेद हैं. माना जा रहा है कि अभी तक इस पर सहमति नहीं बन सकी है.

इस ताजा घटनाक्रम से पहले रामदास अठावले ने कहा है कि शिवसेना को डिप्‍टी सीएम का पद स्‍वीकार कर लेना चाहिए. बता दें किचुनाव परिणाम आने के बाद से ही शिवसेना ने 50- 50 फार्मूले की बात की थी तो बीजेपी ने सीएम पद से किसी तरह का समझौता नहीं करने के साफ संकेत दिए था. 24 अक्‍टूबर को चुनाव परिणाम आने के बाद सीएम देवेंद्र फडनवींस ने कहा था कि 12 निर्दलीय बीजेपी के साथ आने के लिए तैयार हैं. इसके बाद बीजेपी और शिवसेना ने निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों को अपने-अपने ओर करने लिए तेज मुहिम शुरू की थी.

बता दें कि बीजेपी को 2014 की तुलना में इस चुनाव में 17 सीटों का नुकसान हुआ है और उसकी सीटों की संख्या 122 (साल 2014) से घट कर 105 पर आ गई है. जबकि शिवसेना की सीटों की संख्या भी 2014 में 63 की तुलना में घटकर 56 पर आ गई हैं.

अपना-अपना संख्‍या बल बढ़ाने का दावा करते हुए रविवार को जहां बीजेपी के साथ तीन विधायक नजर आए तो वहीं शिवसेना के समर्थन में दो विधायक नजर आए. शिवसेना ने अपनी किलेबंदी मजबूत करने के लिए बीजेपी के एक पूर्व विधायक को भी अपने पक्ष में किया है. नासिक के पूर्व भाजपा विधायक बालासाहेब सानप को उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की सदस्‍यता दिलाई है.

बीजेपी के पक्ष में आए युवा स्‍वाभिमान पार्टी के विधायक रवि राणा ने देवेंद्र फडनवीस को पत्र लिखकर बिना शर्त समर्थन देने की बात कही है. रवि राणा अमराव‍ती की बड़नेता विधासभा क्षेत्र से विधायक हैं. उन्‍होंने विधानसभा चुनाव में शिवसेना की उम्‍मीदवार बंड प्रीती संजय को 15541 वोटों से हराया है.

बीजेपी के पाले में तीन विधायक आए
ठाणे जिले की मीरा भयंदर सीट से जीतीं गीता जैन ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने के बाद बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मीरा भायंदर विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाली भाजपा की बागी नेता गीता जैन ने भाजपा ने तत्कालीन विधायक नरेंद्र मेहता को 13,535 वोटों से हराया था. मीरा भयंदर की पूर्व महापौर जैन को बीजेपी ने टिकट देने से इनकार कर दिया था. वहीं, बार्शी विधानसभा से निर्दलीय जीते राजेंद्र राउत ने पहले ही सीएम देवेंद्र फडनवीस से मिलकर बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है.

विदर्भ के दो विधायकों ने की शिवसेना को समर्थन की पेशकश
रविवार को महाराष्ट्र के विदर्भ में एक छोटी पार्टी के दो विधायकों ने शनिवार को शिवसेना को समर्थन देने का एलान किया था. इसके साथ ही सत्ता में बराबरी का हक मांग रही शिवसेना का पलड़ा और भारी हो गया. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अचलपुर के विधायक बाचचु कडू और मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने समर्थन की पेशकश की है. कडू प्रहर जनशक्ति पार्टी के प्रमुख हैं. पहचान गुप्त रखने की शर्त पर शिवसेना के एक नेता ने पीटीआई को बताया कि कडु के समर्थन से शिवसेना के मोल-भाव की ताकत बढ़ गई है. हमने 2014-19 में भाजपा के साथ समझौता किया था, अब अपना हक पाने का वक्त आ गया है.

महाराष्ट्र में सत्ता का रिमोट अब उद्धव के हाथों में है : शिवसेना
शिवसेना ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता का रिमोट कंट्रोल अब पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथ में है. पार्टी ऐसा तब बोल रही है, जब उसे 2014 के मुकाबले इस बार विधानसभा में कम सीटे मिली हैं. राज्य में 1995 से लेकर 1999 तक पहली शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे अक्सर ‘रिमोट कंट्रोल’ शब्द का प्रयोग करते थे.

सत्ता में बराबरी का हक
शिवसेना अन्य मांगों के साथ-साथ चाहती है कि भाजपा उसे लिखित में ‘सत्ता में बराबरी’का हक देने का आश्वासन दे और मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल बराबर समय के लिए उसके साथ बांटे. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने स्तंभ ‘रोकटोक’ में संजय राउत ने कहा है, शिवसेना ने इस बार कम सीटें जीती हैं. 2014 की 63 के मुकाबले 56 सीटें जीती हैं, लेकिन उसके पास सत्ता की चाबी है.’’