पुणे: बीजेपी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विकास के दावों में खामियां निकालकर महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव में पवार परिवार के गढ़ बारामती में सेंध लगाने का प्रयास कर रही है. बीजेपी पुणे जिले के बारामती विधानसभा क्षेत्र में पानी की कमी और सड़कों की खराब हालत को लेकर राकांपा पर निशाना साध रही है, जबकि एनसीपी का कहना है कि उसके सामने कोई चुनौती है ही नहीं.

भाजपा की उम्मीदें धनगर समुदाय के नेता गोपीचंद पडालकर पर टिकी हैं. उनके सामने हैं एनसीपी नेता और विधायक अजीत पवार. पवार राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री हैं और शरद पवार के भतीजे भी हैं. अजीत पवार ने हाल में विधायक पद से इस्तीफा दिया था, वह बारामती से पुन निर्वाचित होने के लिए मैदान में उतरे हैं.

इस वर्ष हुए आम चुनाव में एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रीया सुले ने बीजेपी की कंचन कुल को बारामती संसदीय क्षेत्र से एक लाख से अधिक वोटों से हराया था.

पडालकर इसी महीने भाजपा में शामिल हुए थे. उन्होंने दावा किया कि बारामती में विकास मॉडल को लेकर अलग ही तस्वीर पेश की जा रही है. लेकिन सचाई अलग है. बारामती के ग्रामीण इलाकों को तो भूल जाईए, शहरी इलाके में भी कई ऐसे स्थान हैं जहां लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग बेहतर सड़कें, पानी और अन्य ढांचे की मांग कर रहे हैं.

विधानसभा क्षेत्र में धनगर समुदाय के मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है. एनसीपी के जिला अध्यक्ष प्रदीप गरातकर ने कहा, मुकाबले में कोई है ही नहीं. पूरा महाराष्ट्र अजीत पवार के द्वारा बारामती में किए गए विकास के बारे में जानता है.