मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में सरकार बनाने की इच्छा और संभावनाओं को तलाशने के लिए राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी का प्रस्ताव स्वीकार करने की सलाह दी है. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, “हम राज्यपाल के निर्णय का स्वागत करते हैं. भाजपा दावा कर रही है कि उसके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायक हैं. उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए.” Also Read - Madhya Pradesh: 'Tandav' के खिलाफ दो शहरों में FIR, बीजेपी नेता ने उद्धव ठाकरे को भेजा पत्र

Also Read - रेप के आरोपों का सामना कर रहे Dhananjay Munde के खिलाफ कार्रवाई को लेकर NCP प्रमुख शरद पवार ने कही यह बात..

शनिवार देर रात पिछली विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से मुश्किल से चार घंटे पहले राज्यपाल ने शासकीय अधिसूचना जारी कर भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. राज्यपाल ने हालांकि कोई समय निर्धारित नहीं किया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि भाजपा जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करेगी. Also Read - शिवपाल सिंह का बड़ा ऐलान, बोले- भाजपा से नहीं, सपा के साथ करेंगे गठबंधन

संजय राउत ने दिया बयान, बोले- यदि कोई सरकर गठित नहीं करता तो रणनीति की घोषणा करेंगे

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता माधव भंडारी ने बताया, “इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए पार्टी ने पहले ही प्रदेश कोर कमेटी की बैठक बुलाई है.” उन्होंने कहा, “पार्टी बाद में प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल को उपयुक्त कदम उठाने और राज्यपाल से बात करने के लिए अधिकृत करेगी.”

भाजपा के पास 105 विधायक हैं और उसका दावा है कि उसे कुछ निर्दलीय तथा छोटी पार्टियों के विधायकों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि 288 सीटों वाली विधानसभा में क्या वह बहुमत के 145 के आंकड़े पर पहुंच सकती है या नहीं. एक सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में सफल हो जाए या अन्य पार्टियों के विधायकों को अपने पाले में ले सके.

कांग्रेस महाराष्ट्र की दुश्मन नहीं है, शिवसेना सरकार बनाने की जिम्मेदारी लेती हैः संजय राउत

उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा दिखाए जा रहे आत्मविश्वास से यह लगता है कि उनके पास बहुमत है और इसलिए उन्हें राज्यपाल का प्रस्ताव स्वीकार कर लेना चाहिए. अगर भाजपा सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत सिद्ध करने में असफल होती है तो राज्यपाल राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं.