मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी आज राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के साथ बीजेपी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात से पहले यहां संवाददाताओं से मुनगंटीवार ने कहा कि भाजपा अल्पमत सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है.

साथ ही उन्होंने राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच शिवसेना के पाला बदल लेने संबंधी बातचीत को अनुचित करार दिया. मुनगंटीवार ने कहा, हम आज सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. हम मौजूदा सरकार को चलाने संबंधी विभिन्न कानूनी जटिलताओं पर राज्यपाल से विस्तृत बातचीत करना चाहते हैं.

राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 14 दिन बाद भी सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच उन्होंने कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में अल्पमत सरकार बनाने के खिलाफ है.

मुनगंटीवार ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल की अगुवाई में भाजपा प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहा है और 9 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद भाजपा के रुख के बारे में उन्हें सूचित करेगा.

राज्य वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा की राय है कि जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “भाजपा महाराष्ट्र में अल्पमत सरकार बनाने के खिलाफ है.”

मुख्यमंत्री पद साझा करने की शिवसेना की जिद पर मुनगंटीवार ने कहा, फडणवीस सिर्फ भाजपा नेता नहीं हैं, बल्कि उन्हें शिवसेना के मुख्यमंत्री के तौर पर भी देखा जाना चाहिए. उनके नेतृत्व और सभी दलों में उनकी स्वीकार्यता को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए.

उन्होंने कहा, यहां तक कि शिवसेना ने भी कई तरीकों से जाहिर किया है कि वह भाजपा के साथ रहना और सरकार बनाना चाहती है. कुछ बाधाएं हैं लेकिन उन्हें दूर कर लिया जाएगा. मुनगंटीवार ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार गठन को लेकर गतिरोध भाजपा की वजह से नहीं है.

साथ ही उन्होंने उन अटकलों को भी नकार दिया कि शिवसेना के विधायक पाला बदल सकते हैं.

उन्होंने कहा, शिवसेना अपने विधायकों एवं उनकी वफादारी से भली-भांति परिचित है. विधायकों का पार्टी में टूट के बारे में बात करना अनुचित है. पार्टी के टूटने के बारे में बात करना निर्वाचित प्रतिनिधि का अपमान है. यह अनुचित है.

मुनगंटीवार ने उन अफवाहों को भी नकार दिया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा, नितिन जी कभी महाराष्ट्र नहीं आएंगे. महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनना दूर-दूर तक उनके ख्वाब में नहीं होगा.

भाजपा और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर उलझी हुई हैं, जिससे 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में गठबंधन को 161 सीट मिलने के बावजूद सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है.

दोनों दलों के सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि उनके बीच पिछले दरवाजे से बातचीत जारी है और कोई महत्त्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है.

भाजपा और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर उलझी हुई हैं, जिससे 24 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में गठबंधन को 161 सीट मिलने के बावजूद सरकार गठन को लेकर गतिरोध बना हुआ है. दोनों दलों के सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि दोनों सहयोगियों के बीच पिछले दरवाजे से बातचीत जारी है और कोई महत्त्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है.