मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने महाराष्ट्र सरकार पर कोविड-19 महामारी से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की आलोचना वाले बैनर और पोस्टर लगाकर ‘महाराष्ट्र बचाओ’ आंदोलन शुरू किया. नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के आंदोलन किए गए. भाजपा नेताओं ने शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा. Also Read - महाराष्ट्र और गुजरात में चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी, 110 km/h की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि देश के कुल कोराना मरीजों में से 30 फीसदी महाराष्ट्र में हैं और देश में कोविड-19 से हुई मौतों में से 40 फीसदी महाराष्ट्र में हुईं. एमवीए इस संकट से निपटने में असफल रहा है. उन्होंने कहा, “अस्पताल भरे हुए हैं, एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं, संगरोध केंद्रों में भोजन उपलब्ध नहीं है. निजी अस्पताल अत्यधिक फीस ले रहे हैं, जिस कारण आम लोग कोविड-19 उपचार का खर्च उठाने में असमर्थ हैं, लेकिन सरकार ने गंभीर हालात के बावजूद कुछ नहीं किया है.” Also Read - इन राज्‍यों में अभी भी अंतरराज्यीय यात्रा पर जारी रहेगा प्रतिबंध, प्‍लान करने से पहले जान लें

उन्होंने मांग की कि सरकार सभी कोविड-19 रोगियों का नि: शुल्क इलाज करे. साथ ही सभी निजी अस्पतालें को अनिवार्य रूप से ऐसे रोगियों को स्वीकार करना होगा और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में 80 प्रतिशत बेड को जनता के लिए सरकारी दरों पर दिया जाना चाहिए. दूसरी ओर, एमवीए नेताओं ने भाजपा के आंदोलन का विरोध किया और विपक्षी पार्टी पर इस सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा के दौरान सरकार के साथ सहयोग करने के बजाय राजनीति करने का आरोप लगाया. Also Read - इन तीन राज्‍यों में जाने वाले ट्रेनों के यात्री ध्‍यान दें, स्‍टॉपेज में किए गए हैं बदलाव