बीएमसी की सत्ता अब शिवसेना के हाथ में होगी। जहां एक तरफ बीजेपी शिवसेना के आगे झुकने को तैयार नही थी। वही सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अब शिवसेना को समर्थन देने की बात कहतें नजर आ रहे हैं। खबरों की माने तो माना जा रहा है कि बीएमसी की सत्ता शिवसेना को देकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी सरकार बचाने की कीमत चुकाई है।

बता दें बीएमसी चुनाव के पहले से ही शिवसेना और बीजेपी में नही पट रही थी। यही कारण था की उद्धव ठाकरे लगातार बीजेपी पर हमला कर रहें थे। दूसरी तरफ बीजेपी के नेता भी शिवसेना पर तंज कसने से नही चूक रहे थे। लेकिन अब मामला पूरी तरह से पलट गया है। अब बीजेपी ने शिवसेना के समर्थन की बात कही है। सूत्रों की माने तो सूबे के मुख्यमंत्री जब दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे थे उसी वक्त उन्होंने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी एक जुट होने की बात कही थी। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र : मेयर पद पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी बीजेपी, शिवसेना को देगी समर्थन

माना जा रहा है इस बैठक में मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हिदायत दी थी। दरसअल जुलाई में राष्ट्रपति पद का चुनाव है, ऐसे में महाराष्ट्र में किसी भी कीमत पर सरकार पर कोई आंच नहीं आने देना चाहिए। मीडिया खबरों की माने तो अगर शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी एक साथ हो जातें तो महराष्ट्र में बीजेपी की सत्ता छीन जाती। शायद यही कारण है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस खामोश होना पड़ा।

वही बीजेपी की इस घोषणा के बाद शिवसेना ने भी भाजपा के कदम की सराहना की है। राज्य के परिवहन मंत्री सेना के नेता दिवाकर राउते ने कहा कि भाजपा ने मुंबई वासियों के जनादेश को स्वीकार किया है। तो वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि इसकी उम्मीद पहले से की जा रही थी, क्योंकि भाजपा और शिवसेना के बीच यह सब पहले से तय था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील टटकरे ने कहा कि भाजपा का यह कदम चौंकाने वाला नहीं है, क्योंकि भाजपा नहीं चाहती थी कि शिवसेना केंद्र और राज्य की उसकी सरकार से समर्थन खींच ले।