बीएमसी चुनावों से पहले शिवसेना और बीजेपी के बीच सीटों के बटवारे को लेकर गतिरोध जारी है। शिवसेना ने अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी को 60 सीटों का ऑफर दिया है जिसे भाजप ने अपना अपमान बताया है। भारतीय जनता पार्टी मुंबई महानगरपालिका की 227 सीटों में से 114 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गठजोड़ की संभावना को लेकर अपने पत्ते खोलने से इनकार कर दिया। यह भी पढ़े: शिवसेना ने सामना के ज़रिये दी बीजेपी को सलाह, कहा गुंडों के मदत से चुनाव जीतना कालाधन जमा करने से भी बुरा है Also Read - शिवसेना का पीएम पर तंज, मुखपत्र में लिखा- संकट से ताली बजाकर या दिया जलाकर नहीं निपटा जा सकता

वहीं, शिवसेना द्वारा दिए गए प्रस्ताव से बीजेपी नाराज़ है। उसके चुनाव प्रबंधक इसे पार्टी का ‘अपमान’ बता रहे हैं। मुंबई भाजपा अध्‍यक्ष आशीष शेलार ने बताया, ”हमें 60 सीट देने का शिवसेना का दुस्‍साहस भाजपा का अपमान है। हमने हमारी आपत्ति जाहिर कर दी है।” शेलार ने आगे यह भी कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन पर आखिरी फैसला सीएम और राज्‍य भाजपा अध्‍यक्ष रावसाहेब दानवे को लेना है। Also Read - दीया जलाने के दौरान बीजेपी महिला जिला अध्यक्ष ने की थी फायरिंग, FIR दर्ज, अब मांग रहीं माफी

इस बीच शिवसेना ने वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा है की ‘‘निकाय चुनाव के लिए भाजपा को 60 सीटों की पेशकश पर्याप्त है।’’ 2012 के बीएमसी चुनाव में शिवसेना ने 158 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटें जीती थीं, वहीं भाजपा ने 69 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद 32 पर जीत हासिल की थी। Also Read - प्रधानमंत्री की दीये जलाने की अपील भाजपा का छुपा एजेंडा: एचडी कुमारस्वामी

बीएमसी चुनाव 21 फरवरी को होना है और इसी के लिए सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के स्थानिक नेता नहीं चाहते है की दोनों के बीच कोई गठबंधन हो। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बारे में क्या निर्णय लेते है।