मुंबई: बांबे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग और महाराष्ट्र सदन घोटाला में जेल में बंद एनसीपी नेता व पूर्व डिप्टी सीएम छगन भुजबल को जमानत दे दी. इससे पहले गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख बेल पिटीशन पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. भ्रष्टाचार और धनशोधन मामले के आरोपों में छगन भुजबल मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं.

 

भुजबल के वकील ने बेल पिटीशन में ये दावा करते हुए जमानत मांगी कि उनके मुवक्किल की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है. वे पिछले दो साल से जेल में बंद है। मामले की जांच पूरी हो चुकी है. इस समय उनकी उनकी उम्र 71 साल है. इसलिए उनके जमानत आवेदन पर सहानूभूतिपूर्ण तरीके से विचार किया जाए. वकील ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 45 को अवैध ठहरा दिया है.

 

गिरफ्तारी से कुछ दिनों पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे में छगन और उनके परिवार के ठिकानों में छापे मारे थे, जिनमें नाम अरबों की संपत्ति मिली थी. इस दौरान भुजबल के बेटे पंकज के नाम पर नासिक में 100 करोड़ रुपए की कीमत का भव्य बंगला मिला था. ये बंगला 46,500 वर्गफुट में फैला है. इसमें 25 कमरों के अलावा स्विमिंग पूल और जिम जैसी कई आधुनिक सुविधाएं भी थीं.

 

ईडी ने पूर्व डिप्टी सीएम भुजबल के 28 ठिकानों पर छापा मारा गया था, इसमें पुणे में भी उनकी करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली थी. पुणे- मुंबई के बीच स्थित लोनावला में 2.82 हेक्टेयर में बंगले में हेलिपैड, स्विमिंग पूल के साथ विदेशी साजो सामान की चीजें मिली थी. (इनपुट- एजेंसी)