Chief Minister, Jharkhand, Bombay High Court, Mumbai, rape case, Hemant Shoren, मुंबई: बांम्‍बे हाईकोर्ट ने कहा है कि वह उस महिला को याचिका वापस लेने की इजाजत देना का इच्छुक नहीं ह, जिसने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाए हैं. न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि वह 18 फरवरी को महिला की याचिका पर सुनवाई करेगी.Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

बता दें महिला ने 2013 में यहां एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत का रुख कर आरोप लगाया था कि मुंबई के एक होटल में सोरेन ने उनका बलात्कार किया था. उसी साल उन्होंने बांद्रा की एक अदालत में याचिका वापस लेने का आवेदन दायर किया था और कहा था कि वह अपने आरोप और शिकायत वापस लेना चाहती हैं. अदालत ने उस समय याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी थी. Also Read - Jharkhand News: फर्जी भर्ती के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस, ग्रामीणों से हिंसक झड़प में लाठीचार्ज

पिछले साल अगस्त में उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया था और कहा था कि वह हादसे का शिकार हुई हैं और दुर्घटना के पीछे सोरेन हो सकते हैं. Also Read - मुंबई में युवती से गैंगरेप, 4 नाबालिगों ने घटना को दिया अंजाम, 3 हिरासत में लिए गए

महिला ने सोरेन के खिलाफ फिर से प्राथमिकी दर्ज करने की गुजारिश की. पिछले महीने उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और कहा कि वह अपना वकील बदलना चाहती हैं.

सोमवार को महिला की ओर से नए वकील पेश हुए और अभिवेदन दिया कि वह प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करने वाली याचिका को वापस लेना चाहती हैं. पीठ ने कहा कि वह इस चरण में महिला द्वारा की गई प्रार्थना को स्वीकार करने की इच्छुक नहीं है.

सरकारी वकील दीपक ठाकरे ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के लिए समय मांगा. इस बीच, पिछले हफ्ते उच्च न्यायालय में दो हस्तक्षेप याचिकाएं दायर कर मामले में उनका पक्ष सुने जाने का अनुरोध किया गया था.

एक आवेदन झारखंड के पूर्व पत्रकार सुनील कुमार तिवारी और दूसरा स्त्री रोशनी ट्रस्ट की तरफ से दायर किया गया था. दोनों आवेदनों में आग्रह किया गया है कि महिला को मामला वापस लेने की इजाजत नहीं दी जाए. उच्च न्यायालय 18 फरवरी हस्तक्षेप आवेदनों और महिला की याचिका पर सुनवाई करेगा.