नई दिल्ली: क्या ‘स्किन से स्किन’ से टच न होने और कपड़े के ऊपर से ही किसी महिला का अंगों से छेड़छाड़ करने को यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) नहीं माना जाएगा, इस पर अब बहस छिड़ गई है. बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में एक फैसले में कहा गया था कि आरोपी द्वारा स्किन से स्किन टच करके नहीं छुआ गया, इसलिए इसे यौन उत्पीड़न नहीं माना जायेगा. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी है.Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को तलाड़ा, कहा- ‘आप बड़ी मछलियों को नहीं पकड़ते, किसानों को तंग करते हैं’

बता दें कि हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने ये फैसला एक 12 साल की लड़की से छेड़छाड़ पर दिया था. इस मामले के आरोपी ने 12 साल की लड़की के स्तनों से छेड़छाड़ की थी. छेड़छाड़ के समय लड़की पूरे कपड़े पहने रही थी. मुकदमे के बाद ये मामला हाईकोर्ट में पहुंचा था. हाईकोर्ट ने कहा था कि चूँकि इस मामले में जब लड़के द्वारा स्तनों से छेड़छाड़ की गई, तब लड़की ने पूरे कपड़े पहने हुए थे. कपड़ों की वजह से स्किन से स्किन टच नहीं हुई, इसलिए इसे यौन उत्पीड़न नहीं माना जायेगा. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने 89 साल की बुजुर्ग के बच्चों से कहा- आपकी दिलचस्पी मां-बाप की संपत्ति में ज्यादा है; ये त्रासदी है

बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले की काफी चर्चा हुई. और बहस छिड़ी कि आखिर यौन उत्पीड़न के तहत ये मामला क्यों नहीं आएगा. पोक्सो एक्ट के तहत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. Also Read - ज्ञानवापी सर्वे पर रोक की याचिका देखने के बाद होगी सुनवाई- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को खुद चीफ जस्टिस एसए बोबड़े (SA Bobde) देख रहे हैं. इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट को इस मामले में नोटिस भी जारी किया गया है. नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है.