नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को कहा है कि लोग अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा रहे हैं इसलिए सरकार लॉकडाउन में दी गई छूट को वापस ले रही है. महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और पुणे क्षेत्रों के लिए लॉकडाउन में दी गई छूट वापस ले ली है. बयान में कहा गया, “लोग जिम्मेदारी से व्यवहार नहीं कर रहे हैं. इसलिए मुंबई और पुणे क्षेत्रों के दी गई छूट को वापस लिया जाता है. हालांकि राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक छूट जारी रहेगी.” Also Read - Video: हवा में उड़ते ही निकला एयर एंबुलेंस का पहिया, फिर ऐसे हुई लैंडिंग; सभी सुरक्षित

महाराष्ट्र सरकार ने अपने बयान में कहा कि 17 अप्रैल को लॉकडाउन में छूट दिए जाने के एक आदेश के बाद से बड़ी संख्या में लोग बाहर निकल रहे हैं जिससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. इसलिए अब मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और पुणे महानगर क्षेत्र (PMR) क्षेत्र में चिंता को देखते हुए 17 अप्रैल 2020 को जारी किए गए आदेश लागू नहीं होंगे. Also Read - IPL 2021: बढ़ते कोरोना वायरस मामलों के बीच मुंबई में होंगे आगामी आईपीएल मैच, BCCI को मिली 7 मई तक की डेडलाइन

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के घरों तक वितरण पर रोक लगाने के पिछले सप्ताह के अपने दिशानिर्देशों में मंगलवार को संशोधन किया और कहा कि यह रोक केवल मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और पुणे में लागू होगी. दोनों नगर कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में (हॉटस्पॉट) में हैं. Also Read - Maharashtra में कोरोना संक्रमण से कुछ राहत मिली, 56,647 नए केस, 24 घंटे में 669 लोगों की मौत

सरकार ने 18 अप्रैल की अपनी अधिसूचना में राज्य भर में अखबारों और पत्रिकाओं के घरों तक वितरण पर रोक लगा दी थी. हालांकि उसमें कहा गया था कि प्रिंट मीडिया को 20 अप्रैल से लॉकडाउन प्रावधानों में छूट दी गई है. सरकार के आदेश में कहा गया है कि घरों तक समाचार पत्रों या पत्रिकाओं का वितरण करने वाला मास्क पहनेंगे, सेनेटाइजर का इस्तेमाल करेंगे और सामाजिक दूरी संबंधी नियमों का पालन करेंगे.

इसमें कहा गया है कि एमएमआर और पुणे शहर और अन्य सभी निरूद्ध क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए वहां अखबारों के लोगों के घरों तक वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है.

(इनपुट एजेंसी)