नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि हजारों की तादात में बांद्रा में इकट्ठे हुए प्रवासी मजूदूरों के खाने और रहने की व्यवस्था करेगी. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को कहा कि बांद्रा स्टेशन की स्थिति अब नियंत्रण में है और राज्य सरकार उनके लिए आवास, भोजन सुनिश्चित करेगी. मजदूरों के जमा होने के कारण के बारे में बात करते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों ने सोचा होगा कि पीएम मोदी ने राज्य की सीमाएं खोलने का आदेश दिया था.Also Read - महाराष्ट्र : मारपीट के मामले में अदालत ने शिवसेना विधायक महेंद्र दलवी को दो साल की सजा सुनाई

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने श्रमिकों को बता दिया है कि सीमाएं नहीं खुलने वाली हैं और फिलहाल स्थिति अब नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, “दूसरे राज्यों के लाखों मजदूर मुंबई में काम करते हैं. उन्हें उम्मीद थी कि पीएम मोदी आज राज्य की सीमाएं खोल देंगे. उन्हें लगा होगा कि वे अपने गृह राज्यों में जा सकते हैं.” Also Read - ट्विटर पर शरद पवार को मिली 'जान से मारने की धमकी', राकांपा ने पुलिस से की शिकायत

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सीएम उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन का विस्तार करने के लिए बहुत अच्छा फैसला लिया है. “राज्य की सीमाएं सील रहेंगी. महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.” उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ठहरने और भोजन के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करेगी, और स्थिति अभी नियंत्रण में है. Also Read - नवाब मलिक को कोर्ट ने फि‍र दिया बड़ा झटका, मेडिकल आधार पर भी अस्‍थाई बेल तक नहीं दी

बता दें कि मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास सैकड़ों प्रवासी मजदूर/कामगार एकत्र हुए. ये लोग घर भेजने की मांग कर रहे हैं. दरअसल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा करने के कुछ ही घंटे बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां मंगलवार को सड़क पर आ गए और मांग की कि उन्हें उनके मूल स्थानों को जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाए. ये सभी प्रवासी मजदूर दिहाड़ी मजदूर हैं.