नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बांद्रा में हजारों प्रवासी मजदूरों के इकट्ठा होने की घटना पर राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बांद्रा में हजारों मजदूरों का सड़कों पर उतरना एक बहुत गंभीर घटना है. यह तस्वीर परेशान करने वाली है.Also Read - ICMR Study Latest Report: आपको कोरोना वायरस के Delta Plus variant से बचाता है COVAXIN

फडणवीस ने कहा, “बांद्रा की घटना बेहद चिंताजनक है. हम पहले दिन से सरकार से कह रहे थे कि वे उन मजदूरों के लिए कुछ व्यवस्था करें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं. राज्य सरकार को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे सभी को भोजन और राशन कैसे प्रदान करें.” Also Read - असम-मिजोरम सीमा विवाद: अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, जानिए क्या निकला नतीजा

फडणवीस ने कहा, “राज्य सरकार मजदूरों की व्यवस्था करने में विफल रही है. इसीलिए हमें आज ऐसी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा कि भारी तादाद में मजदूर आए और कहा कि या तो हमें खाना मुहैया कराओ या फिर घर जाने दो. वो भी बांद्रा सरकार की नाक के नीचे ये घटना हुई है.” Also Read - UP में पहले महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं, अब देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्‍य बना: अमित शाह 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह राज्य में मजदूरों की व्यवस्था करे, उन्हें उचित भोजन, सुविधाएं प्रदान करे. हम पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं कि ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है. फिर भी राज्य सरकार ने इस तरह के उपाय नहीं किए हैं.
आज भी, राज्य सरकार को सबक लेना चाहिए और सावधान रहना चाहिए कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी. कृपया ध्यान दें कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक नहीं है. मेरा एक बार फिर से हार्दिक अनुरोध है कि हमें इस लड़ाई को गंभीरता से लड़ना होगा.”

बता दें कि मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास सैकड़ों प्रवासी मजदूर/कामगार एकत्र हुए. ये लोग घर भेजने की मांग कर रहे हैं. दरअसल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा करने के कुछ ही घंटे बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां मंगलवार को सड़क पर आ गए और मांग की कि उन्हें उनके मूल स्थानों को जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाए. ये सभी प्रवासी मजदूर दिहाड़ी मजदूर हैं.