मुंबई: बांम्‍बे हाईकोर्ट ने बीएमसी द्वारा बंगले के एक हिस्से को गिराए जाने के खिलाफ एक्‍ट्रेस कंगना रनौत की दायर याचिका पर शिवसेना के प्रमुख प्रवक्ता संजय राउत से गुरुवार को जवाब मांगा. न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला और न्यायमूर्ति आर. आई चागला की पीठ ने बृहन्मुंबई नगर निगम के एच-वार्ड के अधिकारी भाग्यवंत लाते को भी याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने का निर्देश दिया.Also Read - मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्‍नर परमबीर समेत 28 लोगों के खिलाफ अवैध वसूली समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज

एक्‍ट्रेस के बंगले के एक हिस्से को गिराने के आदेश पर लाते ने 7 सितंबर को हस्ताक्षर किए थे. कंगना रनौत के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने मंगलवार को अदालत में एक डीवीडी सौंपी थी, जिसमें शिवसेना नेता राउत द्वारा एक्‍ट्रेस को धमकाने वाला एक बयान है. Also Read - Maharashtra: पूर्व बैंक मैनेजर ने ऑफिस में महिला अफसर का मर्डर किया, सामने आई ये वजह

इसके बाद पीठ ने राउत और लाते को मामले में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी थी. राउत के वकील प्रदीप थोराट ने शिवसेना के राज्यसभा सांसद के अभी नई दिल्ली में होने की दलील देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की. Also Read - Mumbai Local Trains News Update Today: कोरोना का टीका लगवा चुके लोगों को मिलेगी यात्रा की अनुमति! मंत्री ने कही ये बात

वहीं, बीएमसी के वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने भी लाते को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरक्त समय देने का अनुरोध किया.

न्यायमूर्ति एस. जे. कथावाला ने कहा कि पीठ रनौत की याचिका पर शुक्रवार से सुनवाई शुरू करेगी और अदालत में अपनी दलीलें रखने के लिए राउत अपनी बारी आने से पहले कभी भी अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं. पीठ ने कहा कि बीएमसी लाते की ओर से सोमवार तक जवाब दाखिल करे. उसने कहा कि वह सुनवाई में देरी नहीं कर सकती.

पीठ ने कहा, ”हम ध्वस्त किए गए घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते. इमारत आंशिक रूप से ध्वस्त की गई है और भारी मानसून में उसे वैसी ही स्थिति में छोड़ा नहीं जा सकता. हम याचिका पर कल से सुनवाई शुरू करेंगे.”

रनौत ने 9 सितंबर को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें याचना की गई कि कि यहां पाली हिल क्षेत्र में उनके बंगले के एक हिस्से को बीएमसी द्वारा तोड़े जाने को अदालत अवैध घोषित करे. एक्‍ट्रेस ने इसके बाद अपनी याचिका में संशोधन करते हुए बीएमसी से दो करोड़ रुपए हर्जाने की मांग भी की थी.