CBI, Maharashtra, Mumbai, Nagpur, Anil Deshmukh, CBI raids, News: सीबीआई (CBI) ने 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोपों के मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री (former Home Minister) अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर भ्रष्‍टाचार (corruption case) के मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद आज शनिवार को मुंबई (Mumbai), नागपुर (Nagpur) के आवास समेत उनके कई ठिकानों पर छापे ( CBI raids) मार रही है. ये छापेमारी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद की जा रही है.Also Read - स्पाइसजेट के बोइंग 737 विमान की विंडशील्ड में क्रेक आया नजर, पायलट ने फ्लाइट को मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के सूत्रों ने बताया कि एजेंसी की एक टीम शुक्रवार रात नागपुर पहुंची थी और शनिवार सुबह से छापेमारी की जा रही है. देशमुख का घर नागपुर के सिविल लाइन्स इलाके में जीपीओ स्कॉयर में है. उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम देशमुख के निर्वाचन क्षेत्र कातोल कस्बे का भी दौरा कर सकती है जो नागपुर से 60 किलोमीटर दूर है. मामला दर्ज करने के बाद, सीबीआई ने मुंबई में कई स्थानों पर छापे मारे. इनमें देशमुख से जुड़े परिसर भी शामिल हैं. Also Read - महाराष्ट्र: नर्सों की हड़ताल का नहीं दिखा असर, कई अस्पतालों ने बनाई दूरी, एक-दो जगह काम प्रभावित

सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि जांच-पड़ताल के दौरान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत देशमुख और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त प्रथम दृष्टया सामग्री मिलीं है. Also Read - मुंबई की जेल में बंद महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख सीने में दर्द के बाद के अस्पताल में भर्ती

सीबीआई ने देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने संबंधी बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रारंभिक जांच शुरू करने के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई मुंबई में देशमुख से जुड़े परिसरों के अलावा कई अन्य स्थानों पर तलाश कर रही है. देशमुख ने इस महीने की शुरुआत में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जब उच्च न्यायालय ने सीबीआई को उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने को कहा था.

परमबीर सिंह ने 25 मार्च को देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का अनुरोध करते हुए आपराधिक जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत अन्य अधिकारियों को बार एवं रेस्तरां से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था. वहीं, वाजे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच का सामने कर रहे हैं. यह जांच मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटकों से भरी एसयूवी मिलने के मामले से जुड़ी है. सिंह ने शुरुआत में उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि देशमुख के बारे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने के बाद उनका तबादला किया गया.

शीर्ष अदालत ने मामले को गंभीर बताया था लेकिन सिंह को उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा था. इसके बाद सिंह ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर देशमुख के खिलाफ अपने आरोपों को दोहराया और राकांपा नेता के खिलाफ सीबीआई से तत्काल एवं निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया था. महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है.