मुम्बई: भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता नहीं छीनता है. उन्होंने इस मुद्दे पर मौन साध लेने पर अपनी पार्टी की पूर्व सहयोगी शिवसेना पर प्रहार किया. उन्होंने सीएए के समर्थन में यहां ऐतिहासिक अगस्त क्रांति मैदान में ‘संविधान सम्मान मंच’ द्वारा आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई ‘कानून’ नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के विस्थापितों को नागरिकता देने की प्रक्रिया है.

 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट सीएए और एनआरसी के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस और राकांपा के साथ सरकार चला रही शिवसेना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं चकित हूं कि हमारे पुराने दोस्त मौन हैं. वे कभी कहा करते थे कि अवैध बांग्लादेशियों को निकाल बाहर किया जाएगा लेकिन वे अब मौन हैं. विधानसभा में विपक्ष के नेता ने अगस्त क्रांति मैदान से गिरगांव तट पर लोकमान्य तिलक की प्रतिमा तक मार्च नहीं निकालने देने को लेकर भी राज्य सरकार की निंदा की.

महाराष्ट्र सरकार पर बोला हमला
ब्रिटिश शासन के दौरान राष्ट्रवादी नेता (तिलक) द्वारा लिखे गए संपादकीय का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार होश में नहीं है क्या? उन्होंने कहा कि जब तक इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन नहीं रुकता है तब तक हमें कोई भी इसका समर्थन करने से नहीं रोक सकता. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति की खातिर कांग्रेस और कम्युनिस्ट तथा अन्य विपक्षी दल इस कानून के बारे में भारतीय मुसलानों के बीच गलतफहमी पैदा करने और अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं.

वीर सावरकर के खिलाफ कथित नारेबाजी पर जताई आपत्ति
फडणवीस ने कहा कि पाकिस्तान ने विभाजन के दौरान दिए अपने इस आश्वासन को पूरा नहीं किया कि अल्पसंख्यकों की रक्षा की जाएगी. इसलिए भारत को उनकी देखभाल करनी है क्योंकि वे हमारे अपने लोग हैं. उन्होंने दिल्ली में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंदुओं और वीर सावरकर के खिलाफ कथित नारेबाजी पर आपत्ति व्यक्त की. भाजपा नेता ने रैली से पहले संवाददाताओं से कहा कि जो नेता यह कह रहे हैं कि उनके शासन वाले राज्यों में कानून लागू नहीं किया जाएगा, वे ‘संविधान का सम्मान नहीं करते’ क्योंकि संसद से पारित कानून सभी राज्यों के लिए बाध्यकारी है.