नागपुर: महाराष्ट्र सरकार ने यहां विधानसभा परिसर में पिछले हफ्ते भारी बारिश के बाद पानी भरने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को  यहां विधानसभा में कहा कि जांच से यह पता चल पाएगा कि मानसून सत्र के बंदोबस्त में क्या कमियां थीं और क्या उन खामियों को जानबूझ कर सुधारा नहीं गया. उन्होंने कहा कि शहर में भारी बारिश से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा.

बारिश के कारण महाराष्ट्र विधानसभा की बिजली सप्‍लाई बंद, कार्यवाही स्थगित

282 मिमी बारिश हुई
सीएम फडणवीस ने कहा, ”नागपुर में सामान्यत: 150 मिमी बारिश को भारी माना जाता है, लेकिन शुक्रवार को यहां 282 मिमी बारिश हुई, जिसमें से 264 मिमी बारिश सुबह साढ़े आठ बजे से ढाई बजे के बीच हुई. फडणवीस ने कहा कि शुक्रवार को विधानसभा भवन की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी ताकि शॉर्ट सर्किट नहीं हो.

बंद करनी पड़ी विधानसभा की बिजली सप्‍लाई
बता दें कि विधान भवन में बिजली सप्‍लाई करने वाले स्विचिंग केंद्र में भारी बारिश के कारण पानी भर गया था. इसके कारण महाराष्ट्र विधानसभा की बिजली सप्‍लाई बंद करनी पड़ी और सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित रही. उधर, सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने पूरे प्रकरण पर सरकार की आलोचना की थी.

6 जुलाई को भारी बारिश से विधानसभा में भर गया था पानी
नागपुर में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को बारिश के चलते बिजली गुल हो जाने से विधानसभा और विधान परिषद दोनों को सत्र प्रारंभ होने के बाद थोड़ी ही देर बाद स्थगित करना पड़ा था. विधानसभा परिसर को बिजली की आपूर्ति करने वाले स्विचिंग सेंटर में पानी भर जाने के बाद बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी थी.

सरकार की आलोचना हुई थी
सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजे शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने घोषणा की कि स्विचिंग केंद्र के बंद होने की वजह से बिजली बंद की जानी है. सदन की कार्यवाही 11 बजे तक स्थगित रही. सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने तुरंत सरकार की आलोचना की थी. (इनपुट- एजेंसी)