नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में भी कांग्रेस का संकट गुजरात की तरह गहराता जा रहा है. लोकसभा चुनावों में बीजेपी के देशव्‍यापी प्रदर्शन ने जहां कांग्रेस के कई विधायकों को बीजेपी में अपना भविष्‍य दिखाई दे रहा है तो कई पाला बदलकर भगवा पार्टी में आने की तैयारी में हैं. लोकसभा चुनाव के ऐन वक्‍त पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे ने भाजपा का दामन दाम लिया था और टिकट लेकर लोकसभा चुनाव में शानदार वोटों से जीत दर्ज कर ली थी. ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष का पद पहले से ही छोड़ चुके विखे पाटिल ने मंगलवार को विधानसभा की सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे दिया है. इसके बाद कांग्रेस और एनसीपी के कई विधायकों के पाला बदलने के आसार बढ़ गए हैं, जिसके चलते दोनों पार्टियों के नेतृत्‍व को पला बदल का डर सता रहा है.

कांग्रेस से निष्‍कासित विधायक अब्‍दुल सत्‍तार ने कहा है कि 8 से 10 कांग्रेस एमएलए बीजेपी के संपर्क में हैं. हमारे इस निर्णय के पीछे राज्‍य में कांग्रेस के नेतृत्‍व में कामकाज करने का तरीका है. राज्‍य की लीडरशिप पार्टी को नष्‍ट कर रही है.

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बता दें कि गुजरात में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के चार विधायक इस्‍तीफा देकर बीजेपी से चुनाव लड़े और जीतकर विधानसभा में पहुंच गए. महाराष्‍ट्र में अपना सियासी वजूद और पकड़ कायम रखने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले ही कई विधायक और नेता कांग्रेस की डूबती नाव को छोड़कर मजबूत किले भाजपा में सियासी पनाह लेने की कवायद में अंदरूनी तौर पर सक्रिय हो चुके हैं. दरअसल, राज्‍य में तीन माह बाद सितंबर- अक्‍टूबर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.

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क्‍या विखे पाटिल के साथ और जाएंगे विधायक
दरअसल, विखे पाटिल कांग्रेस से पहले से टिकट को लेकर नाराज चल रहे थे और इसी के चलते उनके बेटे ने बीजेपी ज्‍वाइन कर ली थी. इसके बाद विखे पाटिल ने कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्‍तीफा दे दिया था. तभी से माना जा रहा था कि विखे पाटिल कांग्रेस के विधायक पद से इस्‍तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.  अब कांग्रेस के विधायक पद से विखे पाटिल ने इस्‍तीफा देकर भाजपा की ओर कदम बढ़ा दिया है. विखे पाटिल ने इस्‍तीफे के तुरंत बाद सीएम देवेंद्र फडनवींस से मुलाकात की है.

पार्टी बदलने से डरी कांग्रेस-एनसीपी
महाराष्‍ट्र में कांग्रेस और एनसीपी का शीर्ष नेतृत्‍व पहले से ही डरा हुआ है कि भाजपा उनके विधायकों और नेताओं को अपने पाले में लाने के लिए पूरी जोर आजमाइश में जुटी है, जिसके चलते कई एमएलए पाला बदल सकते हैं. बता दें कि लोकसभा में कांग्रेस और एनसीपी के खराब प्रदर्शन के चलते कई विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं का पार्टी से भरोसा कम हुआ है और इसके चलते दोनों दलों के विधायकों के टूटने के आसार अब ज्‍यादा बढ़ गए हैं.

कांग्रेस और एनसीपी एमएलए को तोड़ने की साजिश का आरोप
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने बीते 28 मई को कहा था कि कांग्रेस और एनसीपी के विधायकों को भाजपा अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह अपने प्रयासों में सफल नहीं होगी. उस समय चव्‍हाण ने पार्टी के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बीजेपी में शामिल होने की संभावना के सवाल पर कहा था कि ऐसी अटकलें हैं कि विखे पाटिल कांग्रेस के कुछ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

कुछ कांग्रेस विधायक विखे के संग जा सकते हैं
विखे पाटिल के बेटे सुजय मार्च में बीजेपी में शामिल हो गए थे और तब से ऐसी अटकलें थीं कि पूर्व मंत्री भी भगवा पार्टी में शामिल होंगे. अंतत: मंगलवार 4 जून को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में पूर्व नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. यह सियासी घटनाक्रम ऐसी खबरों के बीच हुआ कि राधाकृष्ण विखे पाटिल कुछ कांग्रेस विधायकों को अपने साथ लेकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं और उन्हें देवेंद्र फड़णवीस नीत सरकार में शामिल किया जाएगा.

विखे पाटिल का बेटा बीजेपी से बना सांसद
राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल लोकसभा चुनाव से ऐन वक्‍त पहले कांग्रेस से नाता तोड़कर कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. सुजय अहमदनगर लोकसभा सीट से 2.81 लाख वोटों से जीती है.

अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन
कांग्रेस महाराष्‍ट्र में कुल 24 सीटों पर ही चुनाव लड़ी थी और उसे केवल एक पर ही विजय मिली. यह उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है. कांग्रेस को इस बार महाराष्ट्र में 16.27 प्रतिशत वोट मिले जो साल 2014 में मिले वोट प्रतिशत से 2.02 प्रतिशत कम हैं, जबकि एनडीए को महाराष्‍ट्र की 48 सीटों में से 41 पर विजय मिली. बीजेपी को 23 सीटों और शिवसेना को 18 सीटों पर सफलता मिली. कांग्रेस को सिर्फ एक सीट ही मिली है और उसकी सहयोगी एनसीपी को 4 लोकसभा सीटें मिलीं हैं.