मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में दरार बढ़ती नजर आ रही है. पार्टी के पूर्व प्रमुख संजय निरूपम ने अपने द्वारा सुझाए गए नाम को खारिज किए जाने के बाद गुरुवार को घोषणा की कि वह कांग्रेस के प्रचार अभियान में शामिल नहीं होंगे. पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व उनसे जिस तरह का व्यवहार कर रहा है, उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब वह पार्टी को अलविदा कह देंगे.

निरूपम ने पार्टी के किसी नेता का नाम लिए बिना टि्वटर पर कहा, ‘ऐसा प्रतीत होता है पार्टी मेरी सेवाएं अब और नहीं चाहती. मैंने विधानसभा चुनाव के लिए मुंबई में सिर्फ एक नाम सुझाया था. सुना है कि इसे भी खारिज कर दिया गया है. जैसा कि मैं पार्टी नेतृत्व को पूर्व में बता चुका था, ऐसी स्थिति में मैं चुनाव प्रचार में भाग नहीं लूंगा. यह मेरा अंतिम फैसला है.’

अशोक तंवर और उनके समर्थकों ने सोनिया गांधी के आवास के बाहर किया प्रदर्शन, हुड्डा के खिलाफ लगे नारे

उन्होंने उस व्यक्ति के नाम का भी उल्लेख नहीं किया जिसे वह उम्मीदवार बनवाना चाहते थे. पार्टी नेताओं के एक तबके की शिकायत के बाद निरूपम को इस साल लोकसभा चुनाव से पहले मार्च में मुंबई कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. उनके खिलाफ शिकायत की गई थी कि वह एकतरफा ढंग से काम करते हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, 12 महिला उम्मीदवार भी मैदान पर

निरूपम की जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिन्द देवड़ा को मुंबई कांग्रेस का प्रमुख बनाया गया था. हालांकि, देवड़ा ने आम चुनाव में पार्टी की हार के बाद पिछले महीने पद से इस्तीफा दे दिया था. पार्टी लोकसभा चुनाव में मुंबई की छह सीटों में से एक पर भी चुनाव नहीं जीत पाई थी. वर्तमान में मुंबई कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ हैं.