नई दिल्ली: महाराष्ट्र में पुलिसकर्मी बुरी तरह से कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं. अब तक तीन हज़ार पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. तीस की मौत हो चुकी है. बिगड़े हालात को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस कर्मियों के लिए कुछ बड़े फैसले लिए हैं.Also Read - Maharashtra Police : मुंबई में 28 तो पुणे में 21 पुलिसकर्मियों की COVID-19 रिपोर्ट आई पॉजिटिव, रोजाना मामलों में गिरावट दर्ज

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अनुसार, महाराष्ट्र में हमने फैसला किया है कि 50-55 की उम्र के पुलिस कर्मियों को सामान्य ड्यूटी पर रखा जाएगा, जबकि जिनकी उम्र 55 से अधिक है, उन्हें पेड लीव देकर उनके घरों को भेज दिया जाएगा. Also Read - भारत-पाक सीमा के पास अमृतसर में 5 किलो वजनी IED मिली, जिसमें 2.7 किलो RDX शामिल था

इसके साथ ही कैदियों को भी छोड़ने का फैसला लिया गया है. गृह मंत्री के अनुसार, महाराष्ट्र की जेलों में इस समय 38 हज़ार कैदी थे. इनमें से करीब 10 हज़ार को पहले ही छोड़ा जा चुका है, जबकि अब सरकार ने और 11 हज़ार कैदियों को छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इन कैदियों को इमरजेंसी पेरोल पर छोड़ा जा रहा है. इसके साथ ही 24 जिलों में 31 अस्थाई जेलें भी बनाई जा रही हैं. Also Read - IED in Ghazipur Flower Market: गाजीपुर फूल मंडी में मिले आईईडी में कराया गया नियंत्रित ब्लास्ट