मुंबई: कोरोना वायरस लॉकडॉउन के बीच महाराष्ट्र से अब तक 35 ट्रेनों से 42,000 प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्य भेजा गया है. राज्य के गृह विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी देतेे हुए बताया क‍ि एमएसआरटीसी ने घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश से लगती हुई राज्य की सीमा तक पहुंचाने के लिए करीब 300 बसों का परिचालन भी किया है. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशव्यापी बंद की वजह से फंसे हुए लोगों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों के परिचालन की अनुमति दी थी. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

अधिकारी ने मंगलवार को कहा, ”अब तक महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से 35 ट्रेनें 42,000 मजदूरों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए जा चुकी हैं. प्रवासी श्रमिकों के लिए ज्यादा ट्रेनें चलाने के रेलवे के फैसले के बाद आने वाले दिनों में इस संख्या में इजाफा होगा. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

महाराष्ट्र से अपने घर जाने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक स्थानीय पुलिस के पास पंजीकरण करा रहे हैं. राज्य में लंबी दूरी वाली ट्रेनों से संबंधित रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक आ रहे हैं, जो जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों को मध्य प्रदेश से लगती हुई राज्य की सीमा तक पहुंचाने के लिए करीब 300 बसों का परिचालन भी किया है.

एमएसआरटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था अपने घरों के लिए पैदल ही रवाना हुए मजदूरों को सुविधा प्रदान करने के लिए की गई है. एमएसआरटीसी ने इन प्रवासी श्रमिकों को राज्य की सीमा तक ही पहुंचाने का निर्णय लिया है ताकि उनकी यात्रा से जुड़ी तकलीफ कुछ कम हो सके. एमएसआरटीसी नासिक, पुणे और मुंबई से श्रमिकों के लिए बसें चला रही हैं.