नई दिल्ली: मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास सैकड़ों प्रवासी मजदूर/कामगार एकत्र हुए हैं. ये लोग घर भेजने की मांग कर रहे हैं. हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठीचार्ज कर इन लोगों को तितर-बितर कर दिया है. पुलिस की कार्रवाई के बाद भीड़ कम हो गई है. दरअसल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा करने के कुछ ही घंटे बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां मंगलवार को सड़क पर आ गए और मांग की कि उन्हें उनके मूल स्थानों को जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाए. ये सभी प्रवासी मजदूर दिहाड़ी मजदूर हैं.Also Read - बड़ी खुशखबरी: भारत में अब नहीं आएगी कोरोना की तीसरी लहर! जानिए क्या कहा एम्स निदेशक ने...

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए पिछले महीने लॉकडाउन लागू होने के बाद से दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. हालाँकि अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों ने उनके भोजन की व्यवस्था की है, लेकिन उनमें से अधिकतर पाबंदियों के चलते हो रही दिक्कतों के चलते अपने मूल स्थानों को वापस जाना चाहते हैं. Also Read - Coronavirus cases In India: 24 घंटे में 30,256 लोग हुए संक्रमित, 295 लोगों की हुई मौत

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे को फोन कर इस घटना पर चिंता जताई है. Also Read - Artificial Intelligence: कोविड उपचार में कैसे मदद कर सकता है एआई उपकरण, जानें

गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और बांद्रा की घटना पर चिंता व्यक्त की. गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस तरह की घटनाएं भारत में Coronavirus के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करती हैं. इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन को सजग रहने की जरूरत है. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सभी तरह का समर्थन देने की भी बात कही.

पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार करीब 1000 दिहाड़ी मजदूर अपराह्न करीब तीन बजे रेलवे स्टेशन के पास मुंबई उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा (पश्चिम) बस डिपो पर एकत्रित हो गए और सड़क पर बैठ गए. दिहाड़ी मजदूर पास के पटेल नगरी इलाके में झुग्गी बस्तियों में किराए पर रहते हैं, वे परिवहन सुविधा की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपने मूल नगरों और गांवों को वापस जा सकें. वे मूल रूप से पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के रहने वाले हैं.

वहीं इस घटना पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा, “केंद्र ने इस मुद्दे (बांद्रा की घटना) पर तत्काल संज्ञान लिया है और सक्रिय रूप से राज्य की सहायता कर रहा है। स्थिति को समझने की पीएम और गृह मंत्री के प्रति आभारी हूं. हम प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है.”