नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस महामारी के चलते राज्‍य के उच्‍च शिक्षा विभाग एवं तकनीकी विभाग मंत्री ने फैसला किया है कि राज्‍य में सभी विश्‍वविद्यालयों के छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया जाएगा. सिर्फ फाइनल ईयर के छात्रों को परीक्षा देना होगी. Also Read - Covid-19: महाराष्ट्र में कोविड-19 के आंकड़े 70 हजार के पार, 76 और लोगों की मौत

राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा, महाराष्ट्र में सभी विश्वविद्यालय के छात्रों को अंतिम वर्ष में छोड़कर COVID19 लॉकडाउन के कारण परीक्षा के बिना अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा. अंतिम वर्ष की परीक्षाएं जुलाई में होंगी. Also Read - वर्क फ्रॉम होम: 'बॉस' रात में करते हैं VIDEO CALL, कम कपड़ों में करते हैं मीटिंग, परेशान हैं महिलाएं

  • स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र ही परीक्षा देंगे, जबकि प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाएगी
  • प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति देते समय ग्रेड और अंक दिए जाएंगे.
  • परीक्षा एक जुलाई से 30 जुलाई के बीच होगी
  • कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से 13 गैर कृषि विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं
  • यदि कोई छात्र अपने ग्रेड से संतुष्ट नहीं होता तो वह परीक्षा में बैठने का विकल्प चुन सकता है
  • इस संबंध में विश्वविद्यालय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है.
  • यदि छात्र इस परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे अगली कक्षा में प्रोन्नति दे दी जाएगी, लेकिन उस विषय की दुबारा परीक्षा देनी होगी, जिसमें वह फेल हुआ है
  • नया शैक्षणिक सत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के अनुरूप एक सितंबर से शुरू हो
  • सभी परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा 15 अगस्त को की जाएगी

सामंत ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के साथ चर्चा के बाद निर्णय किया गया.

 

सामंत ने यह भी कहा कि तकनीकी और उच्च शिक्षा विभाग इस बारे में काम कर रहा है कि नया शैक्षणिक सत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के अनुरूप एक सितंबर से शुरू हो. सभी परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा 15 अगस्त को की जाएगी.

बता दें कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों की संख्या 17,974 है, जिनमें से 11,394 मामले केवल मुंबई से है. राज्य में हुई 694 मौतों में से 437 लोगों की मौत मुंबई में हुई है.