Cyclone Nisarga Live Updates: महाराष्ट्र और गुजरात में आ रहे तूफानी चक्रवात निसर्ग ने अब रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग की मानें तो निसर्ग आज दोपहर और शाम के बीच पालघर और मुंबई की तटों से टकरा सकता है. विभाग की मानें तो इसकी रफ्तार में बढ़ोतरी हो रही है. जो कि फिलहाल 90 -100 किमी प्रतिघंटा है. विभाग की माने तो मुंबई के अलीबाग इलाके में तूफान के लैंडफॉल होने की संभावना है. इस दौरान हवाएं 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ सकती हैं. बता दें कि इस दौरान मुंबई में धारा 144 लागू कर दी गई है. बता दें कि तूफान का असर गुजरात और गोवा में भी देखने को मिल रहा है. गोवा में बारिश तेज हवाओं के साथ हो रही हैं, वहीं गुजरात के द्वारका में हाई टाइड देखने को मिल रहा है. Also Read - कोरोना: महाराष्ट्र के इस जिले में 10 से 18 जुलाई तक लागू होगा सख्त लॉकडाउन, जानें डिटेल

मौसम विभाग के अनुसार तूफान महाराष्ट्र के काफी करीब पहुंच चुका है. अगले कुछ ही घंटों में लैडफॉल मुंबई में देखने को मिलेगा. बता दें कि 6 फीट ऊंची लहरों के उठने की भी संभावना जताई जा रही है. इस बीच महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में हवाओं के साथ तेज बारिश देखने को मिल रही है. बता दें कि इस बाबत NDRF की कई टीमों को तैनात किया जा चुका है साथ ही भारतीय नौसेना ने भी हालात से निपटने के लिए तैयार है. Also Read - Coronavirus in Thane: महाराष्ट्र में कोविड-19 का प्रकोप, ठाणे में संक्रमितों की संख्या 42,420 हुई, मृतकों की संख्या 1,268 पहुंची

अबतक मुंबई के तटीय इलाकों से 80 हजार से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है. साथ ही कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. इस दौरान रेलवे के समय और रूटों में बदलाव किया गया है. साथ ही लोगों को समुद्र में मछली मारने जाने व समुद्र के पास घूमने को लेकर मना किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो महाराष्ट्र में 129 साल बाद मुम्बई में चक्रवात आ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चक्रवात ‘निसर्ग’ मुम्बई से करीब 190 किलोमीटर दूर अरब सागर पर मंडरा रहा है और उसके बुधवार दोपहर एक बजे से शाम चार बजे के बीच तटीय शहर अलीबाग पहुंचने की आशंका है.

विभाग की मुम्बई इकाई के उप महानिदेशक के. एस. होसालिकर ने बताया कि चक्रवात अलिबाग के दक्षिण के पास से 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरेगा और इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी. उन्होंने ट्वीट किया कि ‘निसर्ग’ आज तीन जून को सुबह साढ़े पांच बजे अलीबाग से 165 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और मुम्बई से 215 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में अरब सागर पहुंचेगा. आज तीन जून दोपहर को यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग के दक्षिण से 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरेगा और इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि मुम्बई में 20 से 40 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि पिछले 12 घंटे में कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई है. उन्होंने एक बार फिर मुम्बई और ठाणे, रायगढ़ तथा पालघर जैसे पड़ोसी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘ चक्रवात के मद्देनजर आज तीन जून को मुम्बई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. तेज हवाएं चलेंगी, समुद्र में काफी तेज लहरें उठेंगी.’’ इस बीच, मध्य रेलवे ने मुम्बई से कुछ ट्रेनों के मार्गों को बदला और कुछ के समय में परिवर्तन किया गया है.

मध्य रेलवे (सीआर) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुम्बई से चलने वाली पांच विशेष ट्रनों का समय बदला गया है और तीन विशेष ट्रेनों के मार्ग को बदला जाएगा. उसने कहा कि बदलाव के बाद एलटीटी- गोरखपुर विशेष अब सुबह 11 बजकर 10 मिनट की बजाय रात आठ बजे रवाना होगी. एलटीटी- तिरुवनंतपुरम विशेष सुबह 11 बजकर 40 की बजाय शाम छह बजे और एलटीटी-दरभंगा विशेष दोपहर सवा 12 की बजाय रात साढ़े आठ बजे रवाना होगी. इसके अलावा एलटीटी-वाराणसी विशेष दोपहर 12 बजकर 40 मिनट की बजाय रात नौ बजे और सीएसएमटी-भुवनेश्वर विशेष दोपहर तीन बजकर पांच मिनट की बजाय रात आठ बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रवाना होगी.

सीआर ने कहा कि बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे आने वाली पटना-एलटीटी विशेष और दोपहर सवा दो बजे आने वाली वाराणसी-सीएसएमटी विशेष के मार्ग को बदला जाएगा और वे समय से पहले यहां पहुंचेंगी. उसने कहा कि चार बजकर 40 मिनट पर आने वाली तिरुवनंतपुरम-एलटीटी विशेष का मार्ग पुणे से परिवर्तित किया जाएगा और वह लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) पर समय से पहले पहुंचेगी. मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया था कि अरब सागर में कम दबाब के के क्षेत्र के कारण चक्रवाती तूफान निसर्ग के और प्रबल होने की संभावना है जो बुधवार दोपहर उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तट पर पहुंचेगा और इसे पार कर जाएगा.

महाराष्ट्र्र और गुजरात ने आपदा से मुकाबले के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों को तैनात कर दिया है और जिन क्षेत्रों के चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका है वहां से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. कोविड-19 महामारी के संकट से पहले से ही जूझ रहे दोनों पश्चिमी राज्यों ने चक्रवात से मुकाबले के लिए कमर कस ली है . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर उन्हें केंद्र द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था.

पालघर तट के पास समुद्र में मौजूद मछली पकड़ने की सभी नौकाएं भी वापस लौट आई हैं. अधिकारी ने बताया कि पालघर से कम से कम मछली पकड़ने की 577 नौकाएं समुद्र में गईं थी और सोमवार शाम तक 564 वापस आई थीं. जिला आपदा नियंत्रण प्रमुख विवेकानंद कदम ने कहा कि तटरक्षक, नौसेना और मत्स्य विभाग से मदद मांगी गई और शेष 13 नौकाएं भी मंगलवार देर शाम किनारे पर लौट आईं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा था कि चक्रवाती तूफान के मद्देनजर एनडीआरएफ के 15 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के चार दलों को तटीय जिलों के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है.