Cyclone Nisarga Updates: ‘निसर्ग’ चक्रवात बुधवार को महाराष्ट्र के समुद्री तट से टकराएगा और इस दौरान हवा की गति 100-110 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है, जोकि 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक जा सकती है. इसके अलावा मुंबई और राज्य के अन्य तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ही तूफान आने की भी आशंका है. गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी. महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जैसे तटीय जिले तूफान से प्रभावित हो सकते हैं. इसके साथ ही गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत, भावनगर और भरुच जिलों के अलावा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव के भी तूफान से प्रभावित होने की आशंका है. Also Read - कोरोना: महाराष्ट्र के इस जिले में 10 से 18 जुलाई तक लागू होगा सख्त लॉकडाउन, जानें डिटेल

निसर्ग चक्रवात के खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र और गुजरात ने आपदा से मुकाबले के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों को तैनात कर दिया है और जिन क्षेत्रों के चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका है वहां से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. कोविड-19 महामारी के संकट से पहले से जूझ रहे दोनों पश्चिमी राज्यों ने चक्रवात से मुकाबले के लिए कमर कस ली है जो बुधवार को मुंबई के पास तट से टकराने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर उन्हें केंद्र द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है. Also Read - Coronavirus in Thane: महाराष्ट्र में कोविड-19 का प्रकोप, ठाणे में संक्रमितों की संख्या 42,420 हुई, मृतकों की संख्या 1,268 पहुंची

गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की एक बैठक में आसन्न चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई. इसमें कहा गया कि चक्रवात के महाराष्ट्र के तट से बुधवार दोपहर अथवा शाम तक टकराने की आशंका है. इस दौरान राज्य के तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ ही भारी बारिश और एक से दो मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है. Also Read - मुंबई में डिप्रेशन के कारण 16 साल की लड़की ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- I am Sorry मां

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने महाराष्ट्र, गुजरात, दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव में 40 दल को तैनात किया है. अतिरिक्त दल को भी हवाई मार्ग से पहुंचाया जा रहा है. भारतीय सेना और नौसेना के राहत एवं बचाव दलों को भी पोत और वायुसेना के विमानों के साथ तैयार रखा गया है.

राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने एनसीएमसी को अपनी तैयारियों से अवगत कराया. साथ ही उन्होंने जरूरी सामानों के पर्याप्त भंडार होने का आश्वासन दिया और सभी आपात सेवाओं की पूरी तरह मुस्तैद होने की भी जानकारी दी. राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेने के बाद गौबा ने चक्रवात के रास्ते में आने वाले सभी निचले इलाकों में रहने वालों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए.

राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से यह भी कहा गया कि कोविड-19 मरीजों के लिये जरूरी चिकित्सा सेवा बाधित नहीं हो, इसके लिये विशेष प्रयास किये जाएं. एजेंसियों को बिजली, दूरसंचार, परमाणु, रसायन, विमानन और शिपिंग अवसंरचना और परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक योजना तैयार रखने का भी निर्देश दिया गया है.

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में महाराष्ट्र और गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव और दादरा एवं नागर हवेली तथा दमन और दीव के प्रशासक के सलाहकार ने भाग लिया. बैठक में गृह मंत्रालय, जहाजरानी, बिजली, रेलवे, दूरसंचार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, परमाणु ऊर्जा, रसायन और पेट्रो रसायन, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य, आईएमडी, आईडीएस, एनडीएमए और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया. बयान में कहा गया है कि उभरती स्थिति का जायजा लेने के लिए एनसीएमसी की फिर से बैठक होगी.

कोलंबिया विश्वविद्यालय में वातावरण विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एडम सोबेल के अनुसार मुंबई में 1891 के बाद कोई बड़ा चक्रवाती तूफान नहीं आया है. मुंबई में 2005 में भयंकर बाढ़ आई थी और उसके बाद 2017 और 2019 में भी शहर जलमग्न हो गया था लेकिन इसका कारण चक्रवात नहीं था. आईएमडी के मुताबिक बुधवार को मुंबई के निचले स्थानों में रहने वालों को भारी बारिश, तेज हवाएं, समुद्र में ऊंची उठती लहरें और तूफान का सामना करना पड़ सकता है.

(इनपुट भाषा)