मुंबई: देश की आर्थिक और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अंधेरी (ईस्ट) स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में सोमवार को भीषण आग लग गई. इसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. अब तक 147 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इनमें अधिकतर मरीज और कर्मचारी थे. बीएमसी आपदा नियंत्रण ने यह जानकारी दी.

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में आग सोमवार शाम करीब सवा चार बजे लगी. आग लगने का कारण शॉट सर्किट हो सकता है. यह आग एमआईडीसी इलाके स्थित पांच मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर लगी. यह इलाका उत्तरी-पश्चिमी उपनगर का औद्योगिक केंद्र है.

आग पर काबू पाने के लिए कम से कम दमकल की 10 गाड़ियां, 15 वाटर टैंकर और अन्य विशेष उपकरण मौके पर पहुंचे और तीसरी व चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को सीढ़ियों के सहारे बाहर निकाला गया. उपनगर में दूर से धुएं की मोटी परत दिखाई दे रही थी और बचाव अभियान के परिणामस्वरूप शाम को अंधेरी के व्यस्त इलाके में भारी जाम लग गया.

सुरक्षित निकाले गए लोगों में से 10 को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया. होली स्पिरिट अस्पताल और सेवन हिल्स अस्पताल में 15-15 लोगों को भर्ती कराया गया है, वहीं, सात लोगों को इलाज के लिए ट्रॉमा अस्पताल में भेजा गया है.

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के एक अधिकारी ने बताया कि उपनगरीय अंधेरी के मरोल में स्थित ईएसआईसी
कामगार अस्पताल में आग लगने से मरीज समेत 108 लोग फंस गए थे.

आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारी ने बताया, ” इसके बाद अग्निशमन कर्मियों ने सीढ़ियों की मदद से उन्हें अस्पताल की अलग-अलग मंजिलों से बचाया. अस्पताल की इमारत में भूतल के साथ पांच मंजिल है और आग चौथी मंजिल पर लगी थी.’ उन्होंने कहा, 15 लोगों को कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया.’

– अधिकारी ने बताया कि घायलों को पांच अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया.

– मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और अभी तक आग लगने की वजह का पता नहीं चला है.

– अग्निशमन विभाग को आग के संबंध में शाम चार बजे कॉल मिला था
– अग्निशमन की पांच गाड़ियां और 15 एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया
– आग बुझाने का कार्य अब भी जारी है
– ज्यादातर बचाए गए और झुलसे लोग स्थिर हालत में हैं.

अग्निशमन प्रमुख पी.एस. रहंगदाले ने कहा कि पूरी इमारत में धुआं भर गया है और अग्निशमन कर्मी मरीजों और आगंतुकों को बचाने के लिए
सभी मंजिल की तलाशी ले रहे हैं.
– आग को तीसरी मंजिल पर ही फैलने से रोक दिया गया, जहां से डॉक्टरों, नर्सों और मरीजों को सुरक्षित बचा लिया गया

– आग बुझाने का काम जारी है. अस्पताल के आम रास्ते से आठ से 10 लोगों को बचाया गया
– यह रास्ता अस्पताल की इमारत को एक निर्माणाधीन इमारत से जोड़ता है.