नई दिल्ली: मुंबई के अंधेरी (ईस्ट) स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में सोमवार को भीषण आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई लोग घायल हैं. इनमें से 25 की हालत गंभीर है. इस दुर्घटना के शिकार आठ लोगों में अधिकांश की मौत दम घुटने से हुई जबकि एक शख्स की मौत अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदने से हुई.Also Read - Zomato Delivery Boy ने अब दी सफाई, कहा- महिला ग्राहक ने मुझे चप्पल से मारा और अपशब्द कहा

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एक डिलिवरी बॉय ने आग में फंसे 10 लोगों की जान बचाकर शानदार उदाहरण पेश किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक फूड डिलिवरी कंपनी स्विगी में काम करने वाले सिद्धू हुमानाबाड़े जब फूड डिलिवर करने जा रहे थे उसी समय मरोल इलाके में उन्होंने देखा कि हॉस्पिटल में आग लग गई है और तेज धुआं निकल रहा है. इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे और 10 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला. Also Read - NCB की बिल्डिंग में लगी आग, आग बुझाने की कोशिश में जुटे दमकल कर्मचारी

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सिद्धू ने बताया कि जब उन्हें मरीजों के चीखने की आवाज सुनाई दी तो फायर ब्रिगेड की सीढ़ी से ऊपर चढ़े और पत्‍थर मारकर शीशा तोड़ दिया. वहां धुआं इतना ज्‍यादा था कि लोगों को देख पाना मुश्किल हो रहा था. सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी. उन्होंने बताया कि लगभग तीन घंटे तक वह मरीजों की जान बचाते रहे. उन्होंने बताया कि अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा.

उन्होंने इस बारे में बचावकर्मियों को बताया. सिद्धू का इलाज कर रहे डॉक्‍टर का कहना है, ‘वह जल्‍द ही ठीक हो जाएगें. सिद्धू के भाई चंद्रकांत ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे सिद्धू ने उन्‍हें फोन कर सीने में दर्द की जानकारी दी. हमारे माता-पिता को सिद्धू की इस बहादुरी से कोई हैरानी नहीं हुई क्‍योंकि वह हमेशा से ही ऐसा काम करना चाहता था.

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महाराष्ट्र सरकार ने भीषण आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं. आग सोमवार सुबह अंधेरी (पूर्व) स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में लगी और तीसरी व चौथी मंजिल में फैल गई. प्रारंभिक जांच के अनुसार, मरम्मत कार्य के लिए रखी कुछ सामग्री में आग पकड़ लिया, जिससे धुंए का गुबार बन गया और अफरा-तफरी मच गई.

एक अधिकारी ने कहा कि 142 लोगों का शहर के सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है, जबकि अब तक 26 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घटना की जानकारी दी है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से बात की है. श्रम मंत्रालय ने मृतकों के प्रत्येक परिवार के लिए 10 लाख रुपये और मामूली व गंभीर रूप से घायल शख्स के लिए एक लाख से दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. गंगवार ने अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर ईएसआईसी दिल्ली के चिकित्सकों का एक दल मुंबई भेजा है.