पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कोरेगांव भीमा युद्ध की 202वीं बरसी पर बुधवार को यहां ‘जय स्तंभ’ पर श्रद्धांजलि दी. युद्ध की बरसी पर श्रद्धांजलि देने के लिए कोरेगांव भीमा गांव के समीप ‘जय स्तंभ’ स्मारक पर हर साल लाखों लोग आते हैं. यह लड़ाई ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा साम्राज्य के पेशवा धड़े के बीच एक जनवरी 1818 को लड़ी गई थी.

पवार ने ट्वीट कर लिखा, ”आज भीमा कोरेगांव स्‍थल पर पहुंचा. एक जनवरी 1818 को इस जगह पर हुई लड़ाई में महार रेजिमेंट का युद्ध रेजिमेंट, जिसने वीरता हासिल की और अद्वितीय वीरता के साथ जीता. उनकी स्‍मृति में विजय सभा को पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीद को सलामी दी.”

कोरेगांव भीमा युद्ध को एक जनवरी 2018 को 200 साल पूरे होने के मौके पर हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने किसी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.

जय स्तंभ पर जाने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में पवार ने कहा कि वह महाराष्ट्र के लोगों की ओर से श्रद्धांजलि देने आए हैं. डिप्‍टी सीएम ने कहा, ”इस स्तंभ का इतिहास है और हर साल लाखों लोग यहां आते हैं. दो साल पहले कुछ अप्रिय घटनाएं हुई थी, लेकिन सरकार अत्यधिक सतर्कता बरत रही है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए व्यापक पुलिस बंदोबस्त किए गए हैं.”

पवार ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से युद्ध स्मारक पर जाने के लिए कहा. एनसीपी नेता ने कहा, ”मैं लोगों से यहां आने और श्रद्धांजलि देने की अपील करता हूं, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से आएं और अफवाहों पर भरोसा न करें.”

वंचित बहुजन अघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर प्रकाश आंबेडकर ने भी जय स्तंभ पर श्रद्धांजलि दी.

ब्रिटिशों ने युद्ध में शहीद हुए लोगों की याद में पुणे-अहमदनगर रोड पर पेर्ने गांव में यह स्मारक बनवाया था. दलित नेता ब्रिटिश जीत का जश्न मनाते हैं, क्योंकि महार समुदाय के सैनिक ईस्ट इंडिया कंपनी के बलों का हिस्सा थे. इस युद्ध में ब्राम्‍हण पेशवा हारे थे.