मुंबई/ नई दिल्‍ली: महाराट्र की राजधानी मुंबई में बुधवार को दोपहर में बुलाई गई बीजेपी विधायकों की बैठक में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सर्वसम्‍मति से विधायक दल का नेता चुना लिया गया. राज्य में सरकार बनाने और सीएम पद को के लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच चल खींचतान के बीच औपचारिकतौर पर पार्टी के विधायकों की आम सहमति की मुहर फडणवीस के नाम पर लग गई है. वहीं, शिवसेना ने अपने विधायकों की बैठक गुरुवार को पार्टी मुख्‍यालय में बुलाई है. माना जा रहा है कि बीजेपी के कदमों के मद्देनजर कल विधायकों की बैठक में शिवसेना नेतृत्‍व सरकार बनाने को लेकर कोई बड़ा फैसला भी ले सकता है.

देवेंद्र फड़नवीस ने इस मौके पर कहा कि यह जनादेश निश्चित रूप से ‘महायुति’ (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) के लिए है, क्योंकि हमने ‘महायुति’ के लिए वोट मांगे थे. लोगों ने इसके लिए मतदान भी किया. इसलिए संदेह नहीं होना चाहिए. यह एक ‘महायुति’ सरकार होगी.

शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के निवास आज ही पार्टी के सीनियर नेताओं के बीच हुई बैठक में पार्टी के विधायकों की बैठक गुरुवार को बुलाने का फैसला लिया गया है.

बता दें मुख्‍यमंत्री फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि वह अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे. महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक के लिए दिल्‍ली से आए केंद्रीय पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी के उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना समेत पार्टी संगठन के कई नेता मौजूद रहे.

21 अक्टूबर को हुए 288 सदस्यीय महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और उसे 105 सीटें प्राप्त हुई. वहीं, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की.

बता दें कि बीते 21 अक्‍टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से ही शिवसेना नेता कर रहे थे कि लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी से सत्ता साझेदारी के 50:50 फॉर्मूले पर सहमति हुई बनी. ज‍बकि बीजेपी का कहना है कि इस साल लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर हुई बातचीत में सत्ता के समान वितरण को लेकर सहमति बनी थी न कि मुख्यमंत्री पद को लेकर. शिवसेना का दावा है कि फॉर्मूले में दोनों दलों के बीच बारी-बारी से अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाने पर भी सहमति बनी थी.