मुंबई: महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को दावा किया कि वह राकांपा नेता अजित पवार थे जिन्होंने राज्य में सरकार बनाने के लिए उनसे संपर्क किया था. महाराष्ट्र में जब शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के बीच सरकार बनाने के लिए बातचीत चल रही थी तभी अचानक 23 नवंबर को सुबह जल्दबाजी में फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेकर सबको हैरान कर दिया था. हालांकि यह सरकार 80 घंटे में ही गिर गई थी. Also Read - Congress President Election: कांग्रेस ने कहा- जून में उसका नया निर्वाचित अध्यक्ष होगा

फडणवीस ने समाचार चैनल ‘जी 24 तास’ से बातचीत करते हुए कहा कि अजित पवार ने उन्हें राकांपा के सभी 54 विधायकों के समर्थन का आश्वासन दिया था. फडणवीस ने कहा कि उन्होंने मेरी कुछ विधायकों से बात कराई जिन्होंने मुझसे कहा कि वे भाजपा के साथ जाना चाहते हैं. अजित पवार ने मुझसे यह भी कहा कि उन्होंने इस बारे में (राकांपा प्रमुख) शरद पवार से भी चर्चा की है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार ने हमसे संपर्क किया और कहा कि राकांपा कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहती है. तीन दलों (शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा) का गठबंधन (सरकार) नहीं चल सकता. हम (राकांपा) स्थिर सरकार के लिए भाजपा के साथ जाना चाहते हैं. Also Read - Breaking News, Congress President Election: जानें कब होगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, सोनिया ने किया ऐलान

भाजपा नेता ने माना कि यह कदम उल्टा पड़ा और कहा कि आने वाले दिनों में इस बारे में और बातें सामने आएंगी. उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई घोटाले में अजित पवार को मिली क्लीन चिट से उनका कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा का हलफनामा 27 नवंबर का है और मैंने 26 नवंबर को इस्तीफा दे दिया था. Also Read - कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शुरू, नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर हो सकता है फैसला