मुंबई: वर्ष 2016 में देवेंद्र फडणवीस नीत महाराष्ट्र सरकार से बाहर होने के बाद से ही नाराज चल रहे वरिष्ठ भाजपा नेता एकनाथ खडसे ने पार्टी छोड़ दी. वह इसी सप्ताह शरद पवार नीत राकांपा में शामिल होंगे. खडसे (68) ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए फडणवीस पर उनके राजनीतिक करियर और ‘‘ जीवन को नष्ट करने की कोशिश” करने का आरोप लगाया. राकांपा के प्रदेश प्रमुख और राज्य में मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि खडसे शुक्रवार को राकांपा में शामिल होंगे. इसके साथ ही खडसे के अगले राजनीतिक कदम को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलें समाप्त हो गयीं. Also Read - UP Vidhan Parishad Election: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में 55.47% मतदान

फडणवीस सरकार में सबसे वरिष्ठ मंत्री खडसे को 2016 में जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वह उसके बाद पार्टी में लगभग हाशिए पर चले गए थे. पाटिल ने कहा कि खडसे जैसे अनुभवी नेता, जो राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं, के शामिल होने से पार्टी उत्तरी महाराष्ट्र के खांडेश क्षेत्र में मजबूत होगी. खडसे उसी क्षेत्र के रहने वाले हैं. Also Read - किसानों से बातचीत से पहले मोदी सरकार के दिग्गज मंत्रियों की बैठक, इस रणनीति पर हो रही चर्चा!

उन्होंने दावा किया कि “बहुत सारे लोग” राकांपा में शामिल होना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मेरी जानकारी के अनुसार, कई विधायक उनके संपर्क में हैं.” मंत्री ने कहा कि उन्हें यकीन है कि भाजपा इस बात पर विचार करेगी कि खडसे जैसे वरिष्ठ नेता ने क्यों पार्टी छोड़ दी. राकांपा में खडसे की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर पाटिल ने कहा, “पार्टी इस बारे में निर्णय लेगी… उन्होंने पवार साहब के नेतृत्व में काम करने पर सहमति दी है.” एकनाथ खडसे की पुत्रवधु रक्षा खडसे उत्तरी महाराष्ट्र के रावेर सीट से भाजपा की लोकसभा सदस्य हैं. Also Read - GHMC Poll Latest News: केंद्रीय गृह मंत्री रेड्डी, असदुद्दीन ओवैसी समेत इन दिग्‍गजों ने की वोटिंग

खडसे ने भाजपा छोड़ने के बाद फडणवीस पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस को उन्हें फर्जी उत्पीड़न मामले में फंसाने का निर्देश दिया. खडसे ने कहा, “तत्कालीन मुख्यमंत्री (फडणवीस) ने एक महिला द्वारा उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए जाने पर पुलिस को मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाद में मामला वापस ले लिया जाएगा. मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू की गई थी, जिसमें मैं पाक साफ बाहर आया था.’ खडसे ने कहा कि फडणवीस ने उनके (राजनीतिक) जीवन को नष्ट करने की कोशिश की. खडसे के आरोपों पर फडणवीस (50) ने कहा कि उनके पूर्व भाजपा सहयोगी “आधा सच” बोल रहे हैं.

फडणवीस ने कहा, “अगर उन्हें मेरे बारे में शिकायत होती, तो उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहना चाहिए था.’’ खडसे के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए फडणवीस ने कहा, “बेहतर होता कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया होता.” फडणवीस ने कहा, “मैं आज इस बारे में नहीं बोलूंगा, लेकिन उचित समय पर ऐसा करूंगा.”

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा को यह सोचना चाहिए कि जब वह सफलता के चरम पर पहुंच रही है, तो फिर उसकी नींव के पत्थर क्यों खिसक रहे हैं. ठाकरे ने यहां कहा कि खडसे का शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के सत्तारूढ़ महाराष्ट्र विकास अघाडी (एमवीए) परिवार में ‘‘निश्चित तौर पर स्वागत’’ है. उन्होंने कहा कि खडसे उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रमोद महाजन और गोपीनाथ मुंडे के साथ पार्टी जनाधार बढ़ाया.

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि खडसे की एक अलग पहचान है, वह एक योद्धा हैं और बेबाक बोलने वाले नेता हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले, हमने (शिवसेना) राजग छोड़ दिया, शिरोमणि अकाली दल ने भी हाल ही में यह गठबंधन (राजग) छोड़ दिया. अब खडसे भाजपा के साथ नहीं हैं. इसलिए, भाजपा को इस बारे में सोचना चाहिए. भाजपा का पुराना मित्र होने के नेता उसे सतर्क करना मेरा कर्तव्य है.’’ केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे ने खडसे के पार्टी छोड़ने के फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि उनके मुद्दों को समय के साथ हल किया जा सकता था.